आंगनबाड़ी केंद्र में बंद हुआ ढाई साल का बच्चा
प्रधान ने सुनी रोने की आवाज, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बुलाकर गेट खुलवाया
फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद के बढ़पुर विकासखंड क्षेत्र के गुतासी गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र में ढाई साल का बच्चा अंदर बंद रह गया। प्रधान की सूझबूझ से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे की है।
गुतासी निवासी अनिल का ढाई वर्षीय बेटा अनुरुद्ध प्रतिदिन की तरह गुरुवार सुबह आंगनबाड़ी केंद्र गया था। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे घर चले गए, लेकिन अनुरुद्ध कमरे के अंदर ही रह गया। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बिना जांच किए ही केंद्र में ताला लगा दिया और चली गई।
कुछ समय बाद ग्राम प्रधान किसी काम से वहां पहुंचे तो उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। प्रधान ने तत्काल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मौके पर बुलाया। कार्यकर्ता ने जब गेट खोला तो बच्चा रोते हुए बाहर निकला। इसके बाद बच्चे को उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा करीब 30 मिनट तक केंद्र में बंद रहा।
इस घटना के बाद गांव में लापरवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे में किसी बच्चे का केंद्र के अंदर बंद रह जाना और कर्मचारियों का वहां मौजूद न होना गंभीर लापरवाही है।
मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री से जानकारी ली गई है। कार्यकत्री ने बताया कि वह पड़ोस के घर में गई थी और बच्चा केंद्र पर सो गया था, इसलिए उसने बाहर से ताला लगा दिया था। सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।




