रोजगार मेले में एक छत के नीचे नौकरी से लेकर दिव्यांगता प्रमाण पत्र
पेंशन और कृत्रिम अंग तक की सुविधा
हापुड़। जनपद हापुड़ में दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और रोजगार से जोड़ने के लिए श्रम विभाग की ओर से विशेष दिव्यांगजन रोजगार मेले एवं शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देते हुए ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ के तहत अधिक से अधिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है।
आयोजन में दिव्यांगजनों के लिए नौकरी, स्वरोजगार, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, दिव्यांग पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, ई-ट्राईसाइकिल, आय प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
योगी सरकार में दिव्यांगजनों के लिए हुए अनेक काम : नरेंद्र कश्यप
कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में दिव्यांगजनों के कल्याण को लेकर लगातार काम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने और उनके मंत्री बनने के बाद दिव्यांगजनों के हित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि दिव्यांगजन किसी के सामने मजबूर न रहें, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसी दिशा में सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने के साथ-साथ ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर कई विभागों की सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, पेंशन देने, दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। हापुड़ में आयोजित यह शिविर भी इसी सोच का हिस्सा है, जिसमें अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को सीधे लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजीकरण के बाद योग्यता के आधार पर मिलेगा मार्गदर्शन
शिविर में सबसे पहले प्रतिभागी दिव्यांगजनों का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद उनकी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार काउंसलिंग टीम की सहायता से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी तथा मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आयोजन में करीब 14 नियोजकों की टीम भी प्रतिभाग कर रही है, जिसके माध्यम से दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। रोजगार की तलाश कर रहे पात्र दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप संभावित रोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है।
कई विभागों की योजनाएं एक ही स्थान पर
शिविर में उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कौशल विकास विभाग की ओर से दिव्यांग लाभार्थियों और काउंसलिंग टीम के माध्यम से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेवायोजन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत 14 नियोजकों को एक मंच पर लाया गया है। वहीं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, ई-ट्राईसाइकिल, पेंशन आदि योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए चिन्हांकन और आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।
प्रमाण पत्र और दस्तावेज बनवाने की भी सुविधा
शिविर में चिकित्सा विभाग की ओर से दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाने के लिए विशेष शिविर लगाया गया है। इसके अलावा तहसील स्तर से आय प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा तथा जन सेवा केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। बैंकिंग सुविधा के माध्यम से संबंधित योजनाओं और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी आवश्यकताओं को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अलग-अलग विभागों में जाने की परेशानी से बचाना और उनकी आवश्यकताओं से संबंधित अधिकतम सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल दिव्यांगजनों को सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि पात्र दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इस पहल में जिला प्रशासन के साथ विकास, चिकित्सा, उद्योग, कौशल विकास, सेवायोजन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, तहसील, बैंकिंग और जन सेवा केंद्र सहित विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के मुताबिक मौके पर ही आवश्यक जानकारी, प्रमाण पत्र, योजनाओं का लाभ और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।




