मुख्य नगर लेखा परीक्षक पर भ्रष्टाचार के आरोप
कर्मचारी संगठन ने कार्रवाई की मांग
बरेली। नगर निगम के मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय दीक्षित पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि मुख्य नगर लेखा परीक्षक फाइलों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर उन्हें लंबित रखते हैं और आपत्तियां हटाने के नाम पर दो प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। आरोप यह भी है कि कमीशन मिलने पर फाइलें शीघ्र पास कर दी जाती हैं, जबकि भुगतान न होने पर कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और मृतक आश्रितों की पत्रावलियों को जानबूझकर रोका जाता है।
कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष विजय कुमार मन्नू और महामंत्री तरुण गौतम ने आरोप लगाया कि पहले ठेकेदारों की फाइलों में इस प्रकार की आपत्तियां लगाई जाती थीं, लेकिन अब मृतक आश्रित नियुक्तियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान संबंधी फाइलों को निशाना बनाया जा रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब संगठन के पदाधिकारी लंबित फाइलों के संबंध में मुख्य नगर लेखा परीक्षक से मिलने पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कर्मचारियों के संबंध में आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधिकारी को चयन समिति से हटाकर लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण नहीं कराया गया तो मृतक आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।


