हिन्दी भवन, गाजियाबाद में भक्ति और अध्यात्म के संग हुआ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ,
स्वामी वासुदेवाचार्य "विद्याभास्कर" जी महाराज ने किया प्रथम दिवस का दिव्य प्रवचन
गाजियाबाद। रामानुज परिवार, गाजियाबाद के तत्वावधान में हिन्दी भवन, लोहिया नगर, गाजियाबाद में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आज भव्य शुभारंभ हुआ। कथा का वाचन श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य “विद्याभास्कर” जी महाराज (अयोध्या के प्रसिद्ध संत एवं श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में न्यायालय के समक्ष महत्वपूर्ण गवाही देने वाले संत) के श्रीमुख से हो रहा है। यह आयोजन 19 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चलेगा।
प्रथम दिवस पर वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्वलन एवं भगवान श्रीहरि के स्मरण के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। स्वामी वासुदेवाचार्य “विद्याभास्कर” जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा, कलियुग में भागवत श्रवण के महत्व, राजा परीक्षित के वैराग्य तथा श्री शुकदेव जी महाराज के दिव्य आगमन की भूमिका का अत्यंत प्रेरणादायक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करने वाला दिव्य माध्यम है।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भगवान के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से पूरा हिन्दी भवन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया तथा कथा के उपरांत प्रसाद एवं भोजन प्रसादी भी ग्रहण की।
इस भागवत कथा के आयोजक रामानुज परिवार, गाजियाबाद हैं। आयोजन के संयोजक अतिन अग्रवाल, मुख्य यजमान अभिलाष पांडे, सर्व व्यवस्था प्रमुख ललित गुप्ता, कोषाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल तथा अन्य यजमानों में सुभाष गुप्ता, अमित गुप्ता, अंकुर मित्तल, संजीव गर्ग, अभिनव त्यागी, राजेश गर्ग आदि शामिल हैं।
सर्व व्यवस्था प्रमुख ललित गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करना, सनातन संस्कृति के आदर्शों का प्रसार करना तथा मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करना है। यह कथा आत्मकल्याण और लोकमंगल का पावन माध्यम है।
सह-संयोजक धवल गुप्ता ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।
भोजन व्यवस्था प्रमुख अमित गुप्ता ने बताया कि प्रथम दिवस की कथा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
इस पावन आयोजन में प्रतिदिन श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य कथा, भजन-कीर्तन, आरती एवं सत्संग का आयोजन होगा। आयोजकों ने सभी सनातन धर्मावलंबियों, समाजसेवियों एवं आमजन से आग्रह किया है कि वे सपरिवार उपस्थित होकर कथा का रसपान करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।



