खोड़ा के बेटे अनिल की इंसाफ की लड़ाई में परिवार की आवाज बने अमरपाल शर्मा
मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े पूर्व विधायक, बोले—अनिल के परिवार को न्याय मिलने तक हर संभव सहयोग जारी रहेगा
गाजियाबाद (लायक हुसैन)। खोड़ा के सफाई कर्मचारी अनिल की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार के साथ पूर्व विधायक पंडित अमरपाल शर्मा के मजबूती से खड़े होने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए अनिल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिवार के सामने न्याय की लड़ाई और अपनों को खोने का गहरा दर्द दोनों खड़े हैं। ऐसे समय में अमरपाल शर्मा द्वारा परिवार की आवाज को मजबूती से उठाने की पहल को स्थानीय लोगों की ओर से सराहनीय बताया जा रहा है। खोड़ा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देने से नहीं होती, बल्कि उसकी पहचान इस बात से होती है कि मुश्किल समय में वह पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के साथ कितनी मजबूती से खड़ा होता है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, अनिल के परिवार के साथ अमरपाल शर्मा का खड़ा होना इसी सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।
‘जनता का दर्द समझना ही जनप्रतिनिधि की असली पहचान’
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि को जनता केवल वोट नहीं देती, बल्कि उसके साथ अपनी उम्मीद और विश्वास भी जोड़ती है। ऐसे में जब किसी परिवार पर संकट आता है, तो उसकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और उसे न्याय की प्रक्रिया में अकेला महसूस न होने देना जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है।
लोगों के बीच यह भावना भी सामने आ रही है कि सत्ता और पद स्थायी नहीं होते, लेकिन जनता के सुख-दुख में खड़ा होने वाला व्यवहार लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में रहता है। इसी वजह से अनिल के परिवार के साथ अमरपाल शर्मा की सक्रियता को खोड़ा के लोग राजनीतिक गतिविधि से आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देख रहे हैं।
खोड़ा के विकास और जनसमस्याओं को लेकर भी उठाते रहे हैं आवाज
पूर्व विधायक पंडित अमरपाल शर्मा का राजनीतिक सफर साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र की जनसमस्याओं और विकास के मुद्दों को लेकर सक्रियता से जुड़ा रहा है। विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया। खोड़ा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर भी उनके द्वारा लगातार पैरवी किए जाने की बात सामने आती रही है।
उनके समर्थकों का कहना है कि तत्कालीन समाजवादी सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान भी खोड़ा और साहिबाबाद क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में अमरपाल शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
‘राजनीति मेरे लिए भौकाल नहीं, समाजसेवा का माध्यम’
अमरपाल शर्मा का कहना है कि राजनीति उनके लिए पद, प्रतिष्ठा या प्रभाव का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की सेवा और उसकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का जरिया रही है। उनका कहना है कि जनता का वोट केवल चुनाव जिताने का माध्यम नहीं होता, बल्कि वह जनप्रतिनिधि को सौंपे गए विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है।
उन्होंने कहा कि किसी परिवार के साथ अन्याय हो और वह न्याय के लिए संघर्ष कर रहा हो, तो ऐसे समय में उसके साथ खड़ा होना उनका नैतिक दायित्व है।
‘सफाई कर्मचारी अनिल के परिवार के साथ कहर दम पर खड़ा हूं’
पंडित अमरपाल शर्मा ने कहा कि ‘सफाई कर्मचारी अनिल के परिवार के साथ मैं हर तरह से खड़ा हूं। परिवार को न्याय दिलाने के लिए जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा। पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उनकी आवाज को हर उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।’
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने सदस्य को खोना बेहद पीड़ादायक होता है और ऐसी परिस्थिति में परिवार को भावनात्मक तथा सामाजिक सहयोग की जरूरत होती है। उनका प्रयास है कि अनिल के परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग मिले।
‘मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होने वाला ही जनता के दिल में जगह बनाता है’
खोड़ा के लोगों के बीच अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि ‘मुश्किल वक्त में जो जनता के साथ खड़ा होता है, जनता उसे लंबे समय तक याद रखती है।’ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनिल के परिवार के लिए न्याय की आवाज उठाना निश्चित रूप से मानवीय और सामाजिक सरोकार का विषय है।
हालांकि अनिल की मौत के मामले में अंतिम न्यायिक एवं प्रशासनिक निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जाएगा, लेकिन पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर उसकी आवाज को मजबूती देने की अमरपाल शर्मा की पहल ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि राजनीति का मूल उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनता की आवाज बनना और उसके सुख-दुख में मजबूती से साथ खड़ा होना भी है।
खोड़ा में फिलहाल अनिल के परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ अमरपाल शर्मा की सक्रियता को लेकर सकारात्मक चर्चा है और क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में आगे क्या कार्रवाई होती है।




