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जमियत-उलमा-ए-हिन्द के सौजन्य से 14 दिवसीय

सीरत-ए-तैय्यबा मे बुराइयों से बचने पर ज़ोर दिया

धामपुर: धामपुर की विभिन्न मस्जिदों में आयोजित 14 दिवसीय सीरत-ए-तैय्यबा कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ के जीवन और उनके आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर मोहल्ला बंदूकचियान स्थित मरकज़ वाली मस्जिद में एक विशाल जलसे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मौलाना आदम मुस्तफ़ा फ़िरोज़ाबादी ने संबोधन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुफ़्ती इफ्तिख़ारुल हसन ने की तथा संचालन मौलाना मोहम्मद असलम क़ासमी ने किया। कुरआन पाक की तिलावत मौलाना मोहम्मद आसिम ने की, जबकि नात-ए-पाक क़ारी नूर आलम ने प्रस्तुत की। मौलाना मोहम्मद असलम ने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि मौलाना आदम मुस्तफ़ा ने अल्लाह के एक होने और उसकी अनगिनत नेमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्लाह ने इंसान को चाँद, सूरज, प्रकाश, पानी, अन्न आदि असंख्य नेमतें प्रदान की हैं, लेकिन कभी किसी पर एहसान नहीं जताया। उन्होंने कहा कि अल्लाह अपने बंदों से अत्यंत प्रेम करता है। पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पूरी सृष्टि उनकी महानता को पहचानती है। यहाँ तक कि पशु-पक्षी भी उनकी महानता से परिचित थे। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं पर अमल करके मनुष्य दोनों लोकों में सफलता और सम्मान हासिल कर सकता है। इस अवसर पर मुफ़्ती मोहम्मद क़मर, मुफ़्ती मोहम्मद दानिश, मुफ़्ती मोहम्मद ख़ालिद, मौलाना फ़ैज़ान नदवी, मौलाना मोहम्मद एहतेशाम, मौलाना मोहम्मद शुऐब, हाजी फ़ैज़ुल हसन, मुफ़्ती मोहम्मद रैहान, क़ारी नौशाद आलम, पूर्व चैयरमेन तनवीर अहमद, ग़यूर अली ख़ान, डॉ. कमाल अहमद, मौलाना मोहम्मद सुहैल, हाफ़िज़ रफ़ीक़ अहमद, मौलाना मरग़ूबुर्रहमान, मौलाना नाज़िर, मुफ़्ती मोहम्मद आदिल, क़ारी राशिद हमीदी, क़ारी मोहम्मद इकराम, डॉ. मोहम्मद साजिद, परवेज़ आदिल, हाजी अनीसुर्रहमान, मुफ़्ती इश्तियाक़ अहमद, अज़ीज़ुर्रहमान, हाफ़िज़ मोहम्मद उस्मान, मुफ़्ती मोहम्मद सालिम, मास्टर अब्दुस्सत्तार सलीम, जावेद एडवोकेट, मास्टर शमशेर अली, मुफ़्ती मोहम्मद सुफ़ियान, हुसैन अहमद, मास्टर इक़बाल अहमद, मास्टर शकील अहमद, ज़ाहिद हुसैन, क़ारी शमशाद अहमद, हाजी आफ़ाक़ अहमद, फैज़ान अंसारी, नईम अहमद, मोहम्मद राशिद, शान मोहम्मद, मौलाना मोहम्मद अब्बास, अब्दुल क़ादिर हसरत तथा मौलाना मोहम्मद आमिर आदि रहे। कार्यक्रम की सफलता में मुफ़्ती मोहम्मद ख़ालिद, मौलाना मोहम्मद फ़ैज़ान नदवी और मुफ़्ती मोहम्मद दानिश आदि का विशेष योगदान रहा। आखिर मे मौलाना आदम मुस्तफ़ा की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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