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क्या वार्ड 17 के के लोगों को

स्वच्छ वातावरण में रहने का अधिकार नहीं: अखलाख सैफी

गाजियाबाद। नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। समाजसेवी अखलाक सैफी ने निगम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नगर निगम कहता है कि इस स्थान पर पडे कूडे को हर रोज साफ किया जाता है। समाधान साफ करना नहीं इसे यहाँ से खत्म करना है। यह स्थान हिण्डन विहार रोड नम्बर 1, 30 फूटा रोड है। उन्होंने हिंडन विहार वार्ड 17 में लग रहे कूड़े के ढेर को लकर कहा कि इसे देखकर शायद नगर निगम गाजियाबाद के जिम्मेदार लोगों को भी शर्म आए। उन्होंने कहा हम मजबूर हैं कूड़े के बीच रहने को, हम मजबूर हैं कूड़े के ढेर के बीच अपने बच्चों को बड़ा करने को, हम मजबूर हैं इसी गंदगी और बदबू के बीच अपने घरों में खाना खाने को। श्री सैफी ने कहा कि आज हम कूड़े के बीच बैठकर चाय पीने को मजबूर हैं। यह तस्वीर सिर्फ तीन लोगों की तस्वीर नहीं है, यह नगर निगम गाजियाबाद की नाकामयाबी की तस्वीर है। उन्होंने कहा कि हम नगर निगम को टैक्स देते हैं, हम अपने हिस्से की जिम्मेदारी पूरी करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि बदले में हमें क्या मिल रहा है? न साफ-सफाई, न कूड़े का उचित निस्तारण न स्वच्छ वातावरण और न ही वह बुनियादी सुविधा जिसकी उम्मीद एक टैक्स देने वाला नागरिक करता है। अखलाक सैफी ने कहा कि टैक्स देने में हम पीछे नहीं हैं, लेकिन सुविधा देने में नगर निगम क्यों पीछे है? क्या वार्ड नम्बर 17 के लोगों को साफ और स्वस्थ वातावरण में रहने का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि हम किसी से भीख नहीं मांग रहे, हम अपना हक मांग रहे हैं। श्री सैफी ने निगम से मांग करते हुए कहा कि हिण्डन विहार वार्ड नम्बर 17 को कूड़े का अड्डा नहीं, एक स्वच्छ और रहने योग्य क्षेत्र बनाया जाए, क्योंकि जिस शहर के नागरिक टैक्स दे सकते हैं। उस शहर का नगर निगम उन्हें साफ-सुथरा जीवन देने की जिम्मेदारी भी निभाए, लेकिन इस व्यवस्था की नाकामयाबी को स्वीकार करना हमारी मजबूरी नहीं है।

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