bijnorCrimeuttar pradeshराष्ट्रीय

अनिल सोती हत्याकांड: दो महिलाओं सहित चार गिरफ्तार

अधिवक्ता पर हत्या की साजिश रचने का आरोप

-10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने की बात आई सामने
-80 हजार रुपये पेशगी देने का दावा
-नाड़े से गला घोंटकर की गई थी अनिल सोती की हत्या

बिजनौर, संवाददाता।चर्चित अनिल कुमार सोती हत्याकांड में कोतवाली शहर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की सुपारी देने का आरोपी मास्टर माइंड अधिवक्ता फरार है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि भूमि विवाद को लेकर अनिल सोती को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। हत्या के लिए 10 लाख रुपये देने की बात तय होने और 80 हजार रुपये पेशगी दिए जाने का दावा किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से 28,240 रुपये और हत्या में प्रयुक्त काले रंग का नाड़ा बरामद किया है।
सात अगस्त को शहर कोतवाली के नूरपुर रोड स्थित सोतियो के बाग निवासी अनिल कुमार सोती का शव उनके आवास में पड़ा मिला था। मृतक अनिल सोती के भांजे दिल्ली निवासी आलोक शर्मा ने शहर कोतवाली में अनिल के सगे भतीजे गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना और नावेद आढ़ती समेत अज्ञात के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान निशा उर्फ अंजुम परवीन पत्नी आरिफ निवासी ए7/145 राजवीर कालोनी घरोली एक्सटेशन थाना गाजीपुर दिल्ली, अलीमुद्दीन पुत्र अकबर निवासी खोडा कालोनी दिल्ली स्थायी निवासी ग्राम दरियापुर थाना नूरपुर, सुभाष पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम दरियापुर थाना नूरपुर बिजनौर, हिना पुत्री मौ. अकबर निवासी ए7/145 राजवीर कालोनी घरोली एक्सटेशन थाना गाजीपुर दिल्ली स्थायी निवासी निवासी ग्राम दरियापुर थाना नूरपुर व अधिवक्ता राजनारायण पुत्र रूप सिंह निवासी इतवारी गंज झांसी के नाम प्रकाश में आए।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर आरोपी अधिवक्ता से मिलने के लिए अपने साथियों के साथ बिजनौर आए थे। इसी दौरान पुलिस ने निशा उर्फ अंजुम, अलीमुद्दीन, सुभाष और हिना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से 28,240 रुपये और हत्या में प्रयुक्त नाड़ा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों का चालान कर दिया है।

अधिवक्ता के कहने पर हत्या की साजिश का दावा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार निशा उर्फ अंजुम ने पूछताछ में बताया कि वह करीब एक साल से अधिवक्ता राजनारायण के यहां क्लर्क का काम कर रही थी। अधिवक्ता राजनारायण के कथित क्लाइंट गौरव सोती की अपने चाचा अनिल सोती की भूमि से लगी हुई भूमि है। अनिल की कोई संतान नहीं होने के कारण भूमि पर गौरव के वारिसाना हक को लेकर विवाद चल रहा था। भूमि संबंधी मामला न्यायालय में लंबित था।

क्लाइंट जाने के डर से रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार निशा ने बताया कि भूमि विवाद का निस्तारण नहीं होने से गौरव अधिवक्ता राज नारायण से नाराज था। कथित तौर पर गौरव जैसे बड़े क्लाइंट के हाथ से निकलने के डर से पहले अनिल को झूठे मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई गई। इसमें सफलता नहीं मिलने पर उनकी हत्या की साजिश रची गई।

10 लाख रूपये दी हत्या की सुपारी
पुलिस के अनुसार पूछताछ में निशा ने बताया कि हत्या के लिए अधिवक्ता राज नारायण ने उसे 10 लाख रुपये देने की बात कही गई थी और 80 हजार रुपये पेशगी दी थी। निशा ने बताया कि उसने अपने भाई अलीमुद्दीन, बहन हिना और परिचित सुभाष को भी रुपये का लालच देकर हत्या की योजना में शामिल किया था।

रेकी के बाद निशा ने घर में घुस की हत्या
एक अगस्त को अलीमुद्दीन को रेकी के लिए भेजा गया। छह अगस्त को निशा, अलीमुद्दीन और हिना टैक्सी से दिल्ली से बिजनौर पहुंचे। सुभाष को भी बुलाया गया। पुलिस के अनुसार अलीमुद्दीन, हिना और सुभाष बाहर निगरानी कर रहे थे, जबकि निशा ने मौका पाकर अनिल सोती की कोठी में प्रवेश किया और काले रंग के नाड़े से उनका गला घोंट दिया। हत्या के बाद चारों नूरपुर पहुंचे और वहां से टैक्सी से दिल्ली चले गए।

कोट–
मुकदमे में नामजद गौरव सोती समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिवक्ता राजनारायण की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। गिरफ्तार आरोपियों के बयानों और बरामदगी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
-अभय कुमार पांडेय, सीओ सिटी

Related Articles

Back to top button