प्री-प्राइमरी शिक्षा की मजबूत नींव से ही सशक्त भविष्य का निर्माण : डॉ. उज्मा कमर
बरेली। बरेली कॉलेज, बरेली इंटर कॉलेज परिसर स्थित नर्सरी टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की छात्राओं को प्रमाण-पत्र और मार्कशीट वितरित की गईं। प्रमाण-पत्र पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि EduVision India की डायरेक्टर डॉ. उज्मा कमर और विशिष्ट अतिथि बरेली कॉलेज के एमएड विभाग की डॉ. अमिता रहीं। संस्थान की शिक्षिकाएं मनी मिश्रा, रिया और बविता सहित अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
डॉ. उज्मा कमर ने कहा कि किसी भी विद्यालय की वास्तविक नींव प्री-प्राइमरी कक्षाओं से तैयार होती है। किंडरगार्टन स्तर पर बच्चों को सही वातावरण, उचित शिक्षण पद्धति और संवेदनशील मार्गदर्शन मिलने से उनके व्यक्तित्व और सीखने की मजबूत नींव बनती है। उन्होंने कहा कि बदलते पारिवारिक परिवेश और न्यूक्लियर फैमिली सिस्टम के दौर में छोटे बच्चों को अकादमिक शिक्षा के साथ भावनात्मक सहयोग, देखभाल और व्यक्तिगत ध्यान की भी जरूरत है। ऐसे में प्रशिक्षित और संवेदनशील प्री-प्राइमरी शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
डॉ. अमिता ने छात्राओं को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सों की जानकारी दी। उन्होंने D.El.Ed. और B.Ed. के बाद M.Ed. सहित उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए डिग्री के साथ सतत शिक्षक प्रशिक्षण भी जरूरी है।
संस्थान की शिक्षिकाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के साथ संस्थान की कई छात्राएं अच्छे विद्यालयों में शिक्षिका के रूप में रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और डिग्री के बाद छात्राओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होना संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था और प्लेसमेंट आधारित दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कार्यक्रम के दौरान प्रमाण-पत्र और मार्कशीट प्राप्त करने वाली छात्राओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। वक्ताओं ने कहा कि एक प्रशिक्षित प्री-प्राइमरी शिक्षक ही बच्चे की शिक्षा, व्यवहार और व्यक्तित्व विकास की पहली मजबूत सीढ़ी तैयार करता है।




