राशन व्यवस्था में ‘अमित मॉडल’, पारदर्शिता के साथ पात्रों तक पहुंच रहा सरकारी अनाज
डीएसओ अमित तिवारी की सख्त निगरानी में 10 से 25 सितंबर तक होगा निःशुल्क राशन वितरण, व्यवस्था में जवाबदेही पर विशेष जोर
गाजियाबाद। सरकारी राशन व्यवस्था को महज वितरण की औपचारिकता न बनाकर उसे पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी सुविधा से जोड़ने की दिशा में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सक्रिय कार्यशैली लगातार चर्चा में है। सितंबर माह के खाद्यान्न वितरण को लेकर भी विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। डीएसओ अमित तिवारी की सीधी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बीच जिले में 10 से 25 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र राशन कार्डधारकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जाएगा।
अमित तिवारी ने वितरण व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और उचित दर विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थी को निर्धारित मात्रा में राशन मिले और वितरण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। इसी उद्देश्य से नोडल अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के साथ क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अंत्योदय परिवार को 35 किलो, पात्र गृहस्थी को पांच किलो प्रति यूनिट मुफ्त अनाज
सितंबर माह में अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल, यानी कुल 35 किलो खाद्यान्न निशुल्क मिलेगा। वहीं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रत्येक यूनिट पर तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल, यानी कुल पांच किलो अनाज मुफ्त वितरित किया जाएगा।
डीएसओ की ओर से कार्डधारकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि में अपनी उचित दर दुकान पर पहुंचकर नियमानुसार राशन प्राप्त करें और वितरण के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना दें।
टोकन से लेकर ई-पॉस तक, हर स्तर पर सख्त निगरानी
राशन वितरण के दौरान भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए उचित दर विक्रेताओं को प्रतिदिन निर्धारित संख्या में टोकन वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। ई-पॉस मशीन की क्षमता और उपलब्ध समय के अनुसार टोकन की संख्या में आवश्यक परिवर्तन किया जा सकेगा।
उचित दर दुकानों पर वितरण संबंधी सूचना पहले से चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे लाभार्थियों को राशन वितरण की तारीख और समय की जानकारी पहले से मिल सकेगी। राशन का वितरण सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तथा दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक किया जाएगा।
अंत्योदय कार्डधारकों को 54 रुपये में मिलेगी तीन किलो चीनी
सितंबर में अंत्योदय कार्डधारकों को जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 की तिमाही के सापेक्ष तीन किलो चीनी प्रति कार्ड उपलब्ध कराई जाएगी। चीनी का मूल्य 18 रुपये प्रति किलो निर्धारित है। इस हिसाब से तीन किलो चीनी के लिए कार्डधारक को 54 रुपये का भुगतान करना होगा।नहीं होगी, अंत्योदय कार्डधारकों को चीनी अपनी मूल राशन दुकान से ही प्राप्त करनी होगी।
राशन के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश भी
जिला पूर्ति विभाग की पहल खाद्यान्न वितरण तक सीमित नहीं है। प्रत्येक उचित दर दुकान पर उन लाभार्थियों की सूची भी चस्पा की जाएगी, जिनके आयुष्मान कार्ड अभी बनने बाकी हैं। संबंधित लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।इस व्यवस्था से राशन की दुकानें केवल खाद्यान्न वितरण का केंद्र न रहकर सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन रही हैं।
पोर्टेबिलिटी सुविधा उपलब्ध, लेकिन स्टॉक के आधार पर पात्र लाभार्थियों को पोर्टेबिलिटी के तहत भी खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा रहेगी, लेकिन यह संबंधित उचित दर विक्रेता के स्टॉक में उपलब्ध खाद्यान्न की सीमा तक ही मान्य होगी। विभाग ने राशन विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही वितरण करें।
शिकायत मिली तो होगी तत्काल कार्रवाई
डीएसओ अमित तिवारी ने राशन वितरण में किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता को लेकर लाभार्थियों को सीधे शिकायत करने की सुविधा दी है। कम खाद्यान्न मिलने, वितरण में परेशानी या अन्य शिकायत की स्थिति में संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अथवा पूर्ति निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है। अन्य शिकायतों के लिए कार्यालय समय में जिला पूर्ति कार्यालय गाजियाबाद के दूरभाष नंबर 0120-3761964 पर जानकारी दी जा सकती है।
लाभार्थी तक पूरा राशन पहुंचाना ही पहली प्राथमिकता
डीएसओ अमित तिवारी का कहना है कि विभाग का मूल उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार तक उसका निर्धारित राशन पहुंचाना है। इसके लिए वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, निर्धारित मात्रा, समयसीमा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। सितंबर के राशन वितरण को लेकर जिस तरह से विभागीय स्तर पर तैयारियां और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है, उससे साफ है कि जिला पूर्ति विभाग अब केवल राशन बांटने तक सीमित नहीं, बल्कि हर पात्र परिवार को उसका अधिकार दिलाने की दिशा में जवाबदेह व्यवस्था खड़ी करने पर जोर दे रहा है।




