रामानुज दयाल मार्केट के व्यापारियों ने निगम पर लगाए उपेक्षा के आरोप
लाखों का प्रीमियम भरने के बावजूद किराए के दायरे में दुकानें
गाजियाबाद। रामानुज दयाल मार्केट बी व सी ब्लॉक के व्यापारियों ने नगर निगम पर उपेक्षा करने के आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम उनकी दुकानों को संपत्ति कर की श्रेणी में ना डालकर किराए की श्रेणी में डाल रहा है जोकि हरगिज बर्दाश्त करने के योग्य नहीं है। रामानुज दयाल मार्केट डी ब्लॉक के व्यापारी अजय कुमार गर्ग ने कहा कि नगर निगम डी ब्लॉक के व्यापारियों की उपेक्षा कर रहा है। उन्होंने बताया कि रामानुज दयाल मार्केट 3 ब्लॉकों में विभाजित है। जहां डी ब्लॉक की दुकानों को नगर निगम ने संपत्ति कर के दायरे में डाला हुआ है, वहीं बी व सी ब्लॉक की दुकानों से किराया वसूला जाता है। उन्होंने बताया कि वे इस भेदभाव को लेकर कई बार महापौर और नगर आयुक्त समेत अन्य संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। यहां तक की स्थानीय विधायक और पार्षद को भी इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उनकी समस्या की कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अजय कुमार गर्ग ने में बताया कि जब वे अपनी समस्या को लेकर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और इसका कारण अधिकारियों ने उनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया और उनके साथ अभद्रता की गई। श्री गर्ग का कहना है कि अगर नगर निगम इस मांग को नहीं मानेगा तो वह धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। आप अभीतक ने जब इस मामले को लेकर नगर निगम के संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
लाखों का प्रीमियम भरने के बावजूद हो रही उपेक्षा
अजय कुमार गर्ग ने आरोप लगाते हुए कहा कि बी व सी ब्लॉक की सभी दुकानों का किराया बढ़ा दिया गया है, जबकि इन दोनों ही ब्लॉक की अधिकतर दुकानों का प्रीमियम पहले ही जमा कराया
जा चुका है। इसलिए उन्हें भी संपत्ति करके दायरे में लाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करने के चलते भेदभाव की स्थिति बन रही है।
रास्ता बंद होने से व्यापार प्रभावित
अजय कुमार गर्ग ने बताया कि ब्लॉक की मार्केट एक तरफ का रास्ता बंद होने के चलते प्रभावित हो रही है। यहां से निकलने का समुचित मार्ग भी नहीं है इसलिए दुकान ग्राहक वहां तक नहीं पहुंच पाए इसलिए लगभग बंद की स्थिति में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अधिकारियों को गलत से सूचना देकर ऐसा कराया गया है।




