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टीबी मुक्त गाजियाबाद के संकल्प को मिली नई ताकत

रेड क्रॉस व रोटरी क्लब ने मुरादनगर सीएचसी में क्षय रोगियों को बांटीं पोषण पोटलियां, सेवा ही सर्वोच्च धर्म का दिया संदेश

गाजियाबाद (दैनिक आप अभीतक)। जनपद को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करते हुए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, गाजियाबाद इकाई के तत्वावधान में तथा रोटरी क्लब गाजियाबाद ग्रेटर के सहयोग से मुरादनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चयनित पात्र क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटलियों का वितरण किया गया। सामाजिक सरोकार और जनसेवा को समर्पित इस पहल ने जरूरतमंद मरीजों के बीच नई उम्मीद जगाने का कार्य किया। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति डॉ. सुभाष गुप्ता, रोटरी क्लब गाजियाबाद ग्रेटर के उपाध्यक्ष एवं रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य वीरेंद्र अरोड़ा, विपिन अग्रवाल, गीता शर्मा, जिला प्रोबेशन कार्यालय से लोकेंद्र सिंह, सखी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. सुभाष गुप्ता ने कहा कि ‘रेड क्रॉस का उद्देश्य केवल राहत सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक सेवा पहुंचाना है। हमारा संकल्प है कि जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में हर संभव योगदान दिया जाए। किसी अधिकारी या नेता को खुश करना हमारी प्राथमिकता नहीं, बल्कि मानव सेवा ही हमारा सबसे बड़ा दायित्व है।’
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों को नियमित दवा, पौष्टिक आहार और उपचार के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि उचित पोषण और समय पर इलाज से टीबी पर पूरी तरह विजय प्राप्त की जा सकती है। सीएचसी मुरादनगर के अधीक्षक डॉ. भारत भूषण ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और रोटरी क्लब गाजियाबाद ग्रेटर की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों के सहयोग से सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति मिल रही है। उन्होंने दोनों संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रयास बताया। मानव सेवा, सामाजिक संवेदनशीलता और जनस्वास्थ्य के प्रति समर्पण का यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि जब सामाजिक संगठन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों तक राहत और उम्मीद दोनों पहुंचती हैं।

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