बरेली में 118 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
बरेली। साइबर क्राइम थाना और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसने कागजी कंपनियां बनाकर 118 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध लाभ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी योगेंद्र शर्मा और टिम्पु के रूप में हुई है। दोनों को 21 जुलाई को मालगोदाम रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, कई चेकबुक, 3.18 करोड़ रुपये से अधिक के हस्ताक्षरित चेक और बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
आम लोगों के नाम पर खोली जाती थीं फर्जी फर्में
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और फर्जी फर्में खुलवाते थे। बाद में इन्हीं फर्मों के माध्यम से कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर फर्जी जीएसटी रिटर्न दाखिल किए जाते थे। अवैध कमाई को डिजिटल वॉलेट, सर्कुलर ट्रेडिंग और हवाला के जरिए इधर-उधर किया जाता था।
20 करोड़ की जांच से खुला 118 करोड़ का नेटवर्क
मामले की शुरुआत 30 मई 2026 को सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत से हुई थी। शुरुआती जांच में पीसी इंटरप्राइजेज द्वारा करीब 20 करोड़ रुपये के फर्जी कारोबार और 1.28 करोड़ रुपये के जीएसटी फ्रॉड का मामला सामने आया था। जांच आगे बढ़ने पर पूरे नेटवर्क का दायरा बढ़कर 118 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है।




