राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु
एक-साप्ताहिक 'अनुभावात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम' का आयोजन
गाजियाबाद। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) द्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (NCTE), नई दिल्ली एवं अन्तर-विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (IUCTE), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) तथा इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित एक-साप्ताहिक ‘अनुभावात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम’ (Experiential FDP) का आयोजन दुर्गावती हेमराज ताह सरस्वती विद्या मंदिर, नेहरू नगर, गाजियाबाद में प्रधानाचार्य श्री विपिन कुमार राठी, उप-प्रधानाचार्या श्रीमती वंदना वर्मा एवं प्राथमिक खंड (Primary Wing) की प्रधानाचार्या श्रीमती सुधा बाना के नेतृत्व व आतिथ्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय आवासीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से आए संकाय सदस्यों व शोधार्थियों—जिनमें चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से शिक्षा संकाय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) मेघना मेहंद्रू व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुनीत कौर चीमा, गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर, छत्तीसगढ़) से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ज्योति वर्मा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय केंद्र (मलप्पुरम, केरल) से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बासिथ पी. पी. व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सबीना पी. एस., मणिपुर विश्वविद्यालय से असिस्टेंट प्रोफेसर थोकचोम मोनिका देवी तथा अपैक्स विश्वविद्यालय (जयपुर) से शोधार्थी अमन गोयल शामिल रहे—ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने विद्यालय दर्शन (School Immersion) के माध्यम से कक्षाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर भारतीय शिक्षा दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), पंचकोश आधारित समग्र बाल विकास (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय एवं आनंदमय कोष) तथा पंचपदी शिक्षण पद्धति (अधीति, बोध, अभ्यास, प्रयोग, प्रसार) के व्यावहारिक एवं नवाचारी स्वरूप का गहन अध्ययन किया।



