गाजियाबाद। थाना मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र से एक ऐसा हृदयविदारक मामला समाने आया है जिसने इंसानियत और पुलिस व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार को एक आॅटो ड्राइवर से विवाद के बाद एक युवक मदद के लिए संजय नगर स्थित पिंक बूथ पर पहुंचा था। वहां करीब 40 मिनट तक वह मदद के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बूथ का दरवाजा नहीं खोला। जब वह हिम्मत हार गया तो उसने दरवाजे के शीशे पर दोनों हाथ दे मारे। शीशा टूटते ही कांच युवक के हाथ में धंस गए। नसें कट गईं और तेजी से रक्तस्राव होने लगा। लोग उसे जब तक अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक उसकी सांसें थम चुकी हैं। राजकुमार के भाई रितेश ने बताया कि विवाद बढ़ने पर वह संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पहुंचे लेकिन मुख्य गेट बंद था। वे दूसरे रास्ते से अंदर पहुंचे और मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जब उनकी हिम्मत जवाब दे गई तो उसने दरवाजे के लगे शीशे में अपने दोनों हाथ दे मारे। इससे कांच उसके हाथों में घुस गया और नसें कट गईं। इससे अधिक रक्तस्राव हो गया। इसके बावजूद बूथ से कोई मदद के लिए बाहर नहीं निकला तो राजकुमार बाहर सड़क पर आ गए। इस दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने मेडिकल स्टोर से बैंडेज लाकर अस्थायी पट्टी बांधकर राजकुमार को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में एसीपी कविनगर कार्यवाहक उपासना पांडेया का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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