निरीक्षण में परखी पीएसी की तैयारियां, आईजी ने दिए सख्त दिशा-निर्देश
डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने 44वीं वाहिनी का किया विस्तृत निरीक्षण, अनुशासन और तत्परता को बताया कार्यप्रणाली की रीढ़
मेरठ। पीएसी की कार्यकुशलता, संसाधनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए पुलिस महानिरीक्षक पीएसी पश्चिमी जोन डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने शनिवार को 44वीं वाहिनी पीएसी, मेरठ का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर की व्यवस्थाओं से लेकर बाढ़ राहत दल की तैयारियों, स्टोर व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों तक का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर उन्होंने अनुशासन, तत्परता और दक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के स्पष्ट निर्देश दिए। 29 अगस्त 2026 को हुए निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने सबसे पहले वाहिनी क्वार्टर गार्द का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बाढ़ राहत दल के स्टोर रूम का जायजा लेते हुए आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों की स्थिति देखी। उन्होंने वाहिनी स्टोर, सीपीसी कैंटीन तथा परिसर में स्थित 05वीं वाहिनी एसएसएफ, सहारनपुर के कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
आईजी पीएसी ने प्रशासनिक भवन और वाहिनी परिसर में चल रहे बृहद निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की स्थिति को परखते हुए अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली तथा कार्यों को गुणवत्ता, समयबद्धता और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस बल की मजबूती केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि अनुशासन, सजगता, त्वरित निर्णय क्षमता और जिम्मेदार कार्यप्रणाली से सुनिश्चित होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन, तत्परता और कार्यकुशलता के साथ करें तथा वाहिनी की व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास जारी रखें।
इसके उपरांत राजपत्रित अधिकारियों के साथ आयोजित गोष्ठी में वाहिनी की कार्यप्रणाली और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करते हुए पीएसी की कार्यक्षमता और तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया। निरीक्षण के अवसर पर श्रीमती कल्पना सक्सेना, पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी मेरठ सेक्टर, सेनानायक 44वीं वाहिनी पीएसी एवं 05वीं वाहिनी एसएसएफ सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। आईजी के निरीक्षण से जहां वाहिनी की व्यवस्थाओं और तैयारियों को और अधिक धार देने का संदेश मिला, वहीं अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग, अनुशासित और पूर्णतः तत्पर रहने की स्पष्ट दिशा भी मिली।




