नई दिल्ली। सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा देने वाले भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की स्मृतियां एक बार फिर राजधानी दिल्ली में जीवंत हो उठीं। जननायक कर्पूरी ठाकुर शोध संस्था के तत्वावधान में कांस्टीट्यूशन क्लब, रफी मार्ग स्थित स्पीकर हॉल में आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने जननायक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और वंचित समाज की आवाज थे, जिनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने सत्ता को साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार और सम्मान पहुंचाने का माध्यम माना। उन्होंने पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जिस दृढ़ता और ईमानदारी से संघर्ष किया, वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक प्रेरणादायी अध्याय है। उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और सामाजिक समानता की भावना को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
समारोह में मुख्य अतिथि भीम सिंह सांसद रहे। सम्मानित अतिथियों के रूप में राम चन्द्र प्रधान विधायक उत्तर प्रदेश, रिकेश सेन विधायक छत्तीसगढ़, भुवन भूषण कमल सदस्य राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग, इंजीनियर सुनील सेन प्रदेश अध्यक्ष भाजपा हरियाणा ओबीसी, आजाद गांधी पूर्व विधायक बिहार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रा.ना. महासभा, अनिल ठाकुर विधायक पटना बिहार तथा बुध्द सैन पटेल पूर्व सांसद रीवा मध्य प्रदेश ने सहभागिता की। कार्यक्रम में जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और अधिकार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। कर्पूरी ठाकुर ने अपने जीवन और संघर्ष के माध्यम से इस विचार को जमीन पर उतारने का कार्य किया।
विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों का सम्मान
समारोह के दौरान सामाजिक, शैक्षिक एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति में गौरी शंकर श्रीवास, राज्य मंत्री दर्जा छत्तीसगढ़ सहित अनेक गणमान्य सदस्य शामिल रहे।
कार्यक्रम के आयोजक एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर शोध संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जननायक के विचारों, संघर्ष और सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम में डा. प्रमोद शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर प्रयागराज, डा. मनीषा शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर आगरा, नारू कार्टूनिस्ट हैदराबाद, मुकेश धामा सैन चेयरमैन सहकारी समिति फिरोजाबाद, सुमित सैन नंबरदार तथा उद्योगपति योगेश राजलीवाल सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सहयोगियों ने बढ़ाया आयोजन का प्रभाव
कार्यक्रम के विशेष सहयोगियों में अरुण कुमार राणा उद्योगपति, कृष्ण कुमार फोत्रा समाजसेवी, सुघड़ सिंह उद्योगपति तथा कुलदीप कुमार भोजगी समाजसेवी रहे। सभी ने सामाजिक समरसता, समानता और जनकल्याण के संदेश को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का सफल संयोजन रामकिशन सैन महामंत्री ने किया। इस अवसर पर गाजियाबाद से त्रिलोक सिंह, सलीम अहमद सैफी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
संगोष्ठी के समापन पर जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को सामाजिक न्याय और समानता के व्यापक आंदोलन से जोड़ते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। समारोह ने यह संदेश दिया कि कर्पूरी ठाकुर की विरासत किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र में समान अधिकार और सम्मान की सामूहिक चेतना की विरासत है।




