कचहरी में चैम्बर का संकट, RES गेस्ट हाउस पर नजर
बार अध्यक्ष बृहमदेव त्यागी ने मंत्री सुनील शर्मा से मांगी भूमि, निजी निवेश से मल्टी स्टोरी चैम्बर बनाने का प्रस्ताव
गाजियाबाद। जिला न्यायालय परिसर में चैम्बर विहीन अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृहमदेव त्यागी ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा को पत्र भेजकर कचहरी परिसर, राजनगर के बीच स्थित ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES) विभाग के गेस्ट हाउस की भूमि अधिवक्ताओं के चैम्बर्स के निर्माण के लिए बार एसोसिएशन को आवंटित कराने की मांग की है।
बार अध्यक्ष बृहमदेव त्यागी का कहना है कि जिला न्यायालय में बड़ी संख्या में अधिवक्ता चैम्बर की सुविधा से वंचित हैं। दूसरी ओर, न्यायालय परिसर के बीच स्थित RES का गेस्ट हाउस लंबे समय से अपेक्षित उपयोग में नहीं है। परिसर के बीच होने के कारण यहां वाहनों का जमावड़ा भी रहता है। ऐसे में इस भूमि का उपयोग अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक मल्टी स्टोरी चैम्बर कॉम्प्लेक्स विकसित करने में किया जा सकता है।
सरकारी खजाने पर बोझ नहीं, निजी निवेश से निर्माण
बार एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में महत्वपूर्ण पहलू यह रखा है कि प्रस्तावित चैम्बर्स का निर्माण अधिवक्ताओं के निजी निवेश से कराया जा सकता है। इससे सरकार पर निर्माण का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और उपलब्ध भूमि का उपयोग भी जनहित में बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
एक भूखंड, सैकड़ों अधिवक्ताओं की उम्मीद
बार अध्यक्ष बृहमदेव त्यागी ने मंत्री सुनील शर्मा से आग्रह किया है कि वे अपने स्तर से संबंधित विभागों से समन्वय कर RES गेस्ट हाउस की भूमि को बार एसोसिएशन गाजियाबाद को आवंटित कराने की दिशा में प्रभावी पहल करें। उनका मानना है कि यदि यह प्रस्ताव अमल में आता है तो कचहरी परिसर में चैम्बर विहीन अधिवक्ताओं की समस्या का व्यवस्थित और दीर्घकालिक समाधान निकल सकता है।
अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर महज बैठने की जगह नहीं, बल्कि उनके पेशेवर कामकाज का आधार है। ऐसे में बार एसोसिएशन का यह प्रस्ताव अब शासन स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर जिले के अधिवक्ताओं की निगाहें टिकी हैं।




