चेहलूम-ए-शहीद-ए-कर्बला पर अजादारी का जलूस निकाला
विभिन्न शहरों की सन्दी अंजुमनों ने पेश किया पुरसा
गाजियाबाद। चेहलूम-ए-शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में अंजुमन हुसैनी रजिस्टर्ड, गाजिÞयाबाद के तत्वावधान में रविवार को अजादारी का विशाल जलूस निकाला गया। जलूस दोपहर 2:00 बजे इमामबाड़ा दुसैनी घर, इस्लाम नगर से रवाना हुआ।
जलूस इस्लाम नगर गली नं. 8 से होता हुआ न्यू बस अड्डा तथा जीटी रोड के रास्ते बोनजा कर्बला पहुंचा। पूरे मार्ग में अजादारों ने नौहाख्वानी और सीना-जनी करते हुए हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) एवं शोहदाए-कर्बला को विराज-ए-अकीदत पेश किया। जगह-जगह लोगों ने जलूस का इस्तकबाल किया तथा सबीलों के माध्यम से पानी और शर्बत का एहतिमाम किया। बोनजा कर्बला पहुँचकर विभिन्न शहरों से आई महमान अंजुमनों ने पुरसोज नौहाख्वानी और सीना-जनी के जरिए शहजादी-ए-कौनैन हजरत बीबी फातिमा जहरा (स.अ.) की बारगाह में उनके लाल, शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) का पुरसा पेश किया। इस अवसर पर अंजुमने हैदरी (परवाना, जिला बुलंदशहर), अंजुमने नासिरे हुसैनी (चितौड़ा, मुजफ्फरनगर), अंजुमने परचमे अब्बास (जारचा) तथा अंजुमने साहिबुज जमान (ओखला) ने अपने पुरसोज नौहों के माध्यम से कर्बला के शहीदों को विराज-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कर्बला का पैगाम इंसानियत, इंसाफ, सब, कुबार्नी और जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े होने का पैगाम है। इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हक और सच्चाई पर कायम रहने की सबसे बड़ी मिसाल है। सदारी हसैनी अंत में अंजुमन हुसैनी रजिस्टर्ड, गाजियाबाद की ओर से सभी महमान अंजुमनों, अजादारों, इंतजामिया कमेटी, प्रशासन एवं सहयोग करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और मुल्क में अमन, भाईचारे और इंसानियत की सलामती के लिए दुआ की गई। इस मौके पर सय्यद अजादार हुसैन, नजमुल हसन, अली हैदर, हाजी चमन, सय्यद राहत अली जैदी, अली रजा, हसन अब्बास, बाकर रिज्वी, रजा जहीर, फरहत जैदी आदि शामिल रहे।



