बरेली। दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को बरेली में सपा ने विरोध मार्च निकालकर गांधी पार्क में धरना दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने भी समर्थन दिया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सपा नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उनका आरोप था कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने अखिलेश यादव की हिरासत की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास जारी रहा, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
इसी क्रम में सपा नेता मनोहर सिंह ने कहा कि छात्र हितों की आवाज़ उठाने वाले नेताओं को रोकना उचित नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव, विधायक शहजिल इस्लाम, विधायक अताउर रहमान, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, कांग्रेस प्रवक्ता के. बी. त्रिपाठी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।




