bareillyuttar pradeshराष्ट्रीय

सऊदी अरब में फंसे बरेली के 660 उमरा जायरीन, वतन वापसी की गुहार

बरेली। उमरा के लिए सऊदी अरब गए बरेली के 660 जायरीन की वतन वापसी का मामला गंभीर हो गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उड़ानें निरस्त होने के कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जायरीन के परिजनों ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। वहीं, सऊदी अरब में फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
ट्रैवल एजेंसी संचालक हाफिज इमरान रजा बरकाती के मुताबिक, हूती विद्रोहियों के हमलों के मद्देनजर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम आने-जाने वाली उड़ानों को सात नवंबर तक रद्द कर दिया है। वहीं, जेद्दा रूट की सेवाएं 31 अक्तूबर तक निलंबित की गई हैं। इसके चलते उमरा करने गए जायरीन की वापसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खां वारसी और हाफिज इमरान ने राष्ट्रपति को ई-मेल के जरिए ज्ञापन भेजकर विशेष विमान की व्यवस्था कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि विमानन कंपनियां टिकट का रिफंड तो दे रही हैं, लेकिन यात्रियों की स्वदेश वापसी का वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया जा रहा है। अधिकांश जायरीन महंगी वैकल्पिक उड़ानों का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

होटल और भोजन का खर्च बढ़ने से परेशानी

सऊदी अरब में फंसे यात्रियों के सामने ठहरने और भोजन का खर्च भी बड़ी समस्या बन रहा है। व्यापारी नेता दानिश जमाल और अधिवक्ता अमजद सलीम भी उमरा के लिए सऊदी अरब गए हैं। दोनों 14 अक्तूबर को सऊदी एयरलाइंस की उड़ान से रवाना हुए थे। 14 से 22 अक्तूबर तक मक्का में रहने के बाद वे मदीना पहुंचे। उनकी वापसी की उड़ान 30 अक्तूबर को निर्धारित है, लेकिन उसके निरस्त होने की आशंका बनी हुई है।
समाजवादी पार्टी के महासचिव एवं विधायक अताउर रहमान ने भी केंद्र सरकार से यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सऊदी अरब की सरकार से वार्ता कर विशेष उड़ानों का प्रबंध करे, ताकि सभी जायरीन को जल्द स्वदेश लाया जा सके। यात्रियों ने सरकार से वैकल्पिक उड़ानों के साथ जरूरतमंदों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था कराने की भी अपील की है।

Related Articles

Back to top button