एनडीआरएफ ने 10 किमी तक गंगा में तलाशे कपड़े
एनडीआरएफ ने गंगा में कई स्थानों पर चलाया अभियान, अहम सुराग की तलाश जारी
बिजनौर। जलालपुर दंपति मौत प्रकरण में देशराज के गायब कपड़ों की तलाश गंगा की धारा में भी की जा रही है। एनडीआरएफ की टीम ने करीब 10 किलोमीटर के दायरे में गंगा में तलाश अभियान चलाया। टीम ने गंगा की धारा और किनारे के संभावित स्थानों पर देशराज के कपड़ों के साथ अन्य अहम साक्ष्यों की तलाश की। हालांकि, अभियान के दौरान टीम को सफलता नहीं मिली।
गौरतलब हो कि सोमवार सुबह चारा और लकड़ी लेने खेत पर गए देशराज उर्फ छोटे और उसकी पत्नी सुषमा दोपहर तक घर वापस नहीं लौटे थे। इसके बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। खेत के पास दोनों की चप्पलें और खून मिलने के बाद ग्रामीणों ने गुलदार के हमले की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीमों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। रात में भी ड्रोन से तलाश की गई थी। ग्रामीणों व वन विभाग की तलाश के दौरान मंगलवार सुबह सुषमा का शव गंगा के पानी में गिरे पेड़ से बंधा मिला था, जबकि करीब एक किमी दूर देशराज का शव पेड़ पर बाइक के क्लच के तार से बनाए गए फंदे पर लटका मिला था। देशराज के शरीर पर पत्नी की सलवार थी और उसके अपने कपड़े मौके पर नहीं मिले थे। पोस्टमार्टम में देशराज की मौत हैंगिंग और सुषमा की मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस जांच में यह बात सामने आने के बाद से उसके कपड़ों का गायब होना अहम सवाल बना हुआ है। पुलिस और जांच टीम कई दिनों से इन कपड़ों की तलाश कर रही है। पहले गंगा किनारे और आसपास के जंगल में भी तलाशी अभियान चलाया गया था। बताया गया कि देशराज के कपड़े गंगा की धारा में बहने की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी तलाश में लगाया गया। टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक गंगा में संभावित स्थानों पर खोजबीन की। गोताखोरों ने पानी के भीतर और नदी के किनारों पर भी तलाश की। यही वजह है कि पुलिस के लिए उसके कपड़ों की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि देशराज के कपड़े कहां गए और क्या उनका संबंध उसकी मौत की परिस्थितियों से है। कपड़े या अन्य साक्ष्य मिलने के बाद जांच को अहम दिशा मिल सकती है।
एनडीआरएफ की टीम ने 10 किमी से भी अधिक गंगा में सर्च अभियान चलाया। टीम लगातार जंगल में तलाश कर रही है। जांच जारी है।
-अभय कुमार पांडेय, सीओ सिटी




