सलाखों के पीछे गूंजा ककहरा, 50 बंदियों ने लिखी बदलाव की इबारत
सुलेख प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा, 20 सितंबर को पहली बार परीक्षा देंगे नवसाक्षर बंदी
बरेली। जिला कारागार में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नवसाक्षर बंदियों के बीच सुलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 50 बंदियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी लेखन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महज 28 दिनों की मेहनत और शिक्षक के मार्गदर्शन से अक्षरों की पहचान सीखने वाले बंदियों ने सुंदर लिखावट के साथ शिक्षा के प्रति अपने उत्साह का परिचय दिया।
प्रतियोगिता में बंदियों को शिक्षा और अच्छे आचरण से जुड़ी पंक्तियां लिखने के लिए दी गईं। प्रतियोगिता में साहिल ने प्रथम, राशिद ने द्वितीय और कृष्ण कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में फाउंडेशन अध्यक्ष अश्वनी कुमार भदौरिया, एबीएसए विजय कुमार, जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला, पूर्व जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम और जेलर सुशील कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
20 सितंबर को होगी पहली परीक्षा
जिला कारागार में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों समेत 50 बंदियों को नियमित रूप से हिंदी, अंग्रेजी और गणित का मूलभूत ज्ञान दिया जा रहा है। अब ये सभी बंदी 20 सितंबर को पहली बार मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर बंदियों में उत्साह है। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी, डिप्टी जेलर राघवेंद्र सिंह, सौमित्रदेव त्रिपाठी, वीरेश्वर प्रताप सिंह और शिक्षक संजीव गंगवार समेत कई लोग मौजूद रहे।




