पहाड़ी बारिश से नदियों में बढ़ा पानी, सिंचाई विभाग अलर्ट
यूसुफपुर-बाकरपुर तटबंध समेत मालन और गंगा नदी पर 24 घंटे निगरानी
-गंगा बैराज पर 1.21 लाख क्यूसेक से अधिक जलप्रवाह
-आपात स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग तैयार
बिजनौर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते मालन और गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। नदियों में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए अफजलगढ़ सिंचाई खंड, धामपुर अलर्ट हो गया है। विभागीय अधिकारी और जूनियर इंजीनियर यूसुफपुर-बाकरपुर तटबंध समेत संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, अभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
सहायक अभियंता चतुर्थ अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर पंकज कुमार जैन ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और नदियों में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और कर्मचारी तैयार है।
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गंगा बैराज पर बढ़ा जलप्रवाह
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार शाम चार बजे गंगा बैराज बिजनौर पर जलप्रवाह बढ़ने की स्थिति में रहा। बैराज पर ऊपर की ओर वर्तमान जलस्तर 221.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 220 मीटर है। नीचे की ओर जलस्तर 219.50 मीटर दिखाया गया, जबकि वास्तविक स्तर 218.50 मीटर दर्ज किया गया। ऊपर की ओर 1,21,528 क्यूसेक और नीचे की ओर 1,12,528 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज हुआ।
मध्य गंगा नहर प्रणाली के प्रथम चरण के गेट 2.75 मीटर खोलने से करीब 6,500 क्यूसेक और द्वितीय चरण के गेट 2.29 मीटर खोलने से करीब 2,500 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया।
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हरिद्वार से भी छोड़ा गया पानी
भीमगोडा बैराज, हरिद्वार पर शनिवार दोपहर दो बजे करीब 1,06,994 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया। पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण आने वाले पानी को देखते हुए जिले में संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।




