डांगावास हत्याकांड मामला, पीड़ितों के पक्ष में आई आसपा
21 जुलाई को होगा मुख्यमंत्री आवास का घेराव: सत्यपाल चौधरी

नागौर/गाजियाबाद। राजस्थान के डांगावास हत्याकांड मामले में सभी 40 आरोपियों को एससी/एसटी स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया। 11 साल बाद इस मामले में आए बड़े फैसले को लेकर जहां आरोपी पक्ष मैं खुशी का माहौल है, वहीं पीड़ित पक्ष में सवाल किया है कि अगर सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया तो हत्या आखिर किसने की थी। माना जा रहा है कि अब पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट का रुख करेगा। उधर, इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी भी पीड़ित पक्ष के सपोर्ट में आ गई है। यह जानकारी देते हुए पार्टी के राजस्थान प्रभारी सत्यपाल चौधरी ने बताया कि बुधवार को पीड़ित पक्ष ने सांसद चंद्रशेखर आजाद से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी। सांसद ने तुरंत अपनी राजस्थान की लीगल टीम को निर्देश दिए की इस मामले को प्रमुखता से उठाया जाए। श्री चौधरी ने बताया कि सांसद चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले को लेकर कोई कोटा ही ना बढ़ती जाए, पीड़ितों कौन न्याय और दोषियों को सजा दिलाई जाए। राजस्थान प्रभारी ने बताया कि आगामी 21 अगस्त को चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व के राजस्थान की भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी जिसकी शुरुआत शहीद स्थल से की जाएगी। सत्यपाल चौधरी ने कहा कि जब तक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल जाता तब तक आधा समाज पार्टी आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि डांगावास में जमीनी विवाद को लेकर दो गुटों के बीच हिंसा हुई थी जिसमें रतन राममेघवाल, पांचाराम मेघवाल, खेमाराम मेघवाल और गणपत राम मेघवाल की मौत हो गई थी। आप है कि पीड़ितों में से तीन लोगों को ट्रैक्टर से कुछ ला गया था जिसकी जांच सीबीआई को सौंप गई थी। हालांकि इस मामले में दूसरे पक्ष रामपाल गोसाई की भी जान चली गई थी।
भाजपा और कांग्रेस दोनों का एक नजरिया
सतपाल चौधरी ने कहा कि न्याय को सरकारों के निर्देश पर प्रभावित नहीं किया जा सकता। जब यह घटना हुई थी तब भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार थी। सतपाल चौधरी ने सवाल किया कि जब सभी आरोपी बड़ी हो गए तो आखिर हत्या की कितनी थी। आसपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस गदियाली आंसू बहा रही है, जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में पीड़ितों पक्ष को प्रताड़ित किया गया और उन्हें धमकियां दी गई। सतपाल चौधरी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों का एक ही नजरिया है।




