कांवड़ यात्रा में जाम से राहत की मांग, व्यापारियों ने प्रशासन को सुझाया ट्रैफिक प्लान
घंटाघर-बजरिया क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था और नियंत्रित यातायात की उठाई मांग, नशाखोरों पर भी कड़ी निगरानी की अपील
गाजियाबाद (आप अभीतक) । कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में लगने वाले भीषण जाम और व्यापार पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन से यातायात व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार की मांग की है। मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) वरुण सिंह को ज्ञापन सौंपकर घंटाघर, बजरिया और रमते राम रोड क्षेत्र के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का सुझाव दिया। जिलाध्यक्ष प्रीतम लाल, जिला उपाध्यक्ष मास्टर वीरेश सिंह तथा साहिबाबाद व्यापार मंडल के मंत्री विनोद पंत के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान घंटाघर पुल से चौधरी मोड़ तक लगभग आधा किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह और शाम लंबे जाम की स्थिति बन जाती है। इससे दुकानदारों, ग्राहकों और आम नागरिकों को भारी असुविधा होती है, वहीं स्थानीय बाजारों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
व्यापारियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि कांवड़ यात्रा की आड़ में कुछ असामाजिक और नशा करने वाले तत्व भी शामिल हो जाते हैं, जिससे यात्रा की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी रखने और प्रभावी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में सुझाव दिया गया कि चौधरी मोड़ (जीटी रोड) से शहर कोतवाली के सामने स्थित रामलीला मैदान तक चार पहिया वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही घंटाघर क्षेत्र में केवल दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा के संचालन की अनुमति दी जाए तथा उनका आवागमन रेलवे रोड-बजरिया मार्ग से कराया जाए, ताकि मुख्य बाजारों में यातायात का दबाव कम हो और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके।
जिलाध्यक्ष प्रीतम लाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का महापर्व है तथा व्यापारी समाज हमेशा प्रशासन के साथ मिलकर इसके सफल आयोजन में सहयोग करता आया है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसी संतुलित यातायात व्यवस्था लागू की जाए, जिससे कांवड़ यात्रा भी निर्बाध रूप से संचालित हो और शहर के प्रमुख बाजारों का व्यापार भी प्रभावित न हो।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन व्यापारियों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान सुचारु, सुरक्षित और जनहितकारी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।




