आजाद समाज पार्टी के नेता अफजल अहमद सैफी
हाउस अरेस्ट: बोले, गाजियाबाद में लोकतंत्र पर ताला?
गाजियाबाद। आजाद समाज पार्टी (काशीराम) के उत्तर प्रदेश कोर कमेटी सदस्य अफजल अहमद सैफी को रात में अचानक हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वे अपने नेता माननीय सांसद चंद्रशेखर आजाद जी के बुलावे पर लद्दाख के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सोनम वांगचुक जो 28 जून से भूख हड़ताल पर है के समर्थन में जंतर मंतर से संसद भवन तक पैदल मार्च करके नीट पेपर लीक घोटाले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने जा रहे थे। अफजल अहमद सैफी ने इसे लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि
नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मार्च में शामिल होने वाले थे। लीक के कारण अब तक 20 से अधिक छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कई गरीब परिवारों ने जमीन-जेवर गिरवी रखकर, भारी ब्याज पर कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई कराई थी। आज ये परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में हैं।
अफजल अहमद सैफी ने मांग की है किशिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें,
प्रत्येक मृत छात्र के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और घोटाले में शामिल सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
अफजल अहमद सैफी ने कहा, “जो बच्चे मेहनत से पढ़ रहे थे, वे प्राइवेट सेक्टर में चले जाएंगे। जो पेपर खरीदकर डॉक्टर बनेंगे, वे मरीजों की जान ले लेंगे। जो इंजीनियर बनेंगे, उनकी इमारतें गिरकर लोगों को दबा देंगी। देश के युवा भविष्य बर्बादी के कगार पर खड़ा है।”
रामपुर यूनिवर्सिटी पर अपील
अफजल अहमद सैफी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से विनती की कि रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को शिक्षा का मंदिर ही बना रहने दे । उन्होंने कहा, सरकार इसे अपने अधीन ले ले। और आजम खान और उनके परिवार के सारे अधिकार छीनकर नाम बदल दें पर इसको तोड़ने का काम ना करे और इसे संचालित करें। यहां हर साल हजारों छात्रों का भविष्य बनेगा।




