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पांच साल का इंतजार खत्म, आज से चलेगा सथरापुर प्लांट

रोजाना 500 टन कूड़े का होगा वैज्ञानिक निस्तारण, बाकरगंज में कचरा जाना बंद

बरेली। शहर को कूड़े के पहाड़, दुर्गंध और गंदगी से राहत दिलाने की दिशा में बुधवार को बड़ी शुरुआत होने जा रही है। सथरापुर में बने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इससे शहर के 80 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 500 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। प्लांट शुरू होने के बाद बाकरगंज में नए कचरे की डंपिंग बंद होगी और वहां जमा पुराने कचरे को हटाने में भी तेजी आने की उम्मीद है।
करीब पांच साल से संचालन की राह देख रहे इस प्लांट का निर्माण वर्ष 2021 में 20 हेक्टेयर जमीन पर कराया गया था। हालांकि, संचालन के लिए एजेंसी का चयन नहीं होने और निविदा प्रक्रिया में देरी के कारण परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। सातवीं बार निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनवरी 2026 में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने दिल्ली की पाथ्या एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी। एजेंसी ने अपने खर्च से मशीनें स्थापित कीं और उनका ट्रायल भी पूरा कर लिया।

गीले-सूखे कचरे का होगा अलग-अलग निस्तारण

प्लांट में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके निस्तारित किया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने के साथ बायोगैस उत्पादन की भी योजना है। नगर निगम एजेंसी को प्रति टन कचरे के निस्तारण के लिए 446 रुपये का भुगतान करेगा। प्लांट के चालू होने से शहर में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

बाकरगंज के पुराने कचरे से भी मिलेगी राहत

अब तक शहर का नया कचरा बाकरगंज में डाला जा रहा था, जिससे वहां कचरे का ढेर लगातार बढ़ रहा था। प्लांट शुरू होने के बाद वहां नए कचरे की आवक बंद करने की तैयारी है। नगर आयुक्त के मुताबिक, बाकरगंज में पुराने कचरे के निस्तारण का काम भी जारी है। नए कचरे की डंपिंग बंद होने से इस काम में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि प्लांट का संचालन शुरू होने से शहर के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सकेगा। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार की उम्मीद है।

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