बरेली में जमीन-मकान खरीदना हुआ महंगा, नए सर्किल रेट लागू
पांच से 50 फीसदी तक बढ़ीं जमीन की दरें, औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े गांवों में सबसे ज्यादा असर
बरेली। जिले में जमीन और संपत्तियों के नए सर्किल रेट मंगलवार से लागू हो गए। नई दरों में क्षेत्र की महत्ता, बाजार मूल्य, जमीन की उपयोगिता और बढ़ती आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियों को आधार बनाया गया है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में सर्किल रेट पांच से 20 फीसदी तक बढ़े हैं, जबकि कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 50 फीसदी तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर अब जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर पड़ेगा।
पीलीभीत बाईपास, डोहरा रोड और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में सबसे अधिक वृद्धि की गई है। डोहरा और नवादा जोगियान में सर्किल रेट 33 हजार से बढ़ाकर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। वहीं इटौआ बेनीराम, लालपुर और चंदपुर बिचपुरी में दर 26 हजार से बढ़ाकर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की गई है।
नई दरें लागू करने की प्रक्रिया 25 अगस्त तक पूरी कर ली गई थी। प्रस्तावित दरों को लेकर आईं 193 आपत्तियों के निस्तारण के बाद नई दरों को अंतिम रूप दिया गया।
डीडीपुरम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
शहर के प्रमुख आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में भी सड़क की चौड़ाई के आधार पर सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं। डीडीपुरम में दरों में सर्वाधिक करीब 11 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। राजेंद्रनगर में सात हजार, रेजीडेंसी गार्डन में पांच हजार, उदयपुर खास में छह हजार, प्रेमनगर में छह से आठ हजार, एकतानगर में आठ हजार, जनकपुरी में सात हजार और सिविल लाइंस में छह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक बढ़ोतरी की गई है।
सदर तहसील में भी बढ़ीं दरें
सदर तहसील क्षेत्र में गैर-कृषि भूमि के सर्किल रेट में 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। कृषि भूमि की दरों में 12 फीसदी तक, वाणिज्यिक एकल भूमि में 10 फीसदी और वाणिज्यिक भवन के कंपोजिट रेट में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। सदर द्वितीय क्षेत्र में अकृषक, कृषि और वाणिज्यिक एकल भूमि की दरें 20 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं।
आंवला के औद्योगिक कॉरिडोर वाले गांवों पर ज्यादा असर
आंवला क्षेत्र में सामान्य तौर पर अकृषक, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणी की जमीन के सर्किल रेट करीब 10 फीसदी तक बढ़े हैं। औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े चयनित गांवों में कृषि भूमि की दरों में विशेष वृद्धि की गई है। भमोरा में करीब पांच फीसदी, जबकि अन्य नौ चयनित गांवों में कृषि भूमि के सर्किल रेट करीब 25 फीसदी तक बढ़े हैं।
नवाबगंज, मीरगंज और बहेड़ी में भी बढ़ीं दरें
नवाबगंज में अकृषक और कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। वाणिज्यिक एकल भूमि की दर औसतन 10 फीसदी बढ़ी है। मीरगंज तहसील में कृषि और अकृषक भूमि की दरें 10 से 20 फीसदी तक बढ़ी हैं, जबकि अन्य श्रेणी की भूमि भी करीब 20 फीसदी महंगी हुई है।
बहेड़ी तहसील में चार नए रोड सेगमेंट को सर्किल रेट के दायरे में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में भूमि की दरों में पांच से 15 फीसदी तक वृद्धि की गई है।
अब रजिस्ट्री के लिए ज्यादा रकम करनी होगी खर्च
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा। संपत्ति का मूल्यांकन बढ़ने के साथ रजिस्ट्री पर लगने वाली सरकारी फीस भी बढ़ेगी। यानी जमीन खरीदने वालों की जेब पर अब पहले से ज्यादा बोझ पड़ेगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह के मुताबिक प्रस्तावित दरों पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद नई दरों को अंतिम रूप दिया गया है। नई सर्किल दरें एक सितंबर से प्रभावी कर दी गई हैं।




