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जनशिकायतों में लापरवाही पर जांच के घेरे में पांच थाना प्रभारी

डीआईजी अजय कुमार साहनी का सख्त रुख, पीलीभीत के दो और शाहजहांपुर के तीन थाना प्रभारियों पर होगी प्रारंभिक जांच

बरेली। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अपराध नियंत्रण में ढिलाई बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने गुरुवार को समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए पीलीभीत के दो और शाहजहांपुर के तीन थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, शाहजहांपुर के सीओ जलालाबाद से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीआईजी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण और आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए एसपी, एएसपी और सीओ स्तर पर नियमित समीक्षा करने को कहा।

आगामी चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पुलिसकर्मियों के तबादले समय से पूरे करने और सभी जिलों में चुनाव सेल गठित करने के निर्देश दिए। मतदान एवं मतगणना स्थलों की सुरक्षा, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के ठहरने की व्यवस्था तथा अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा। शस्त्र जमा कराने और लंबित गैर जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीला कराने पर भी जोर दिया।

अपराधियों पर कार्रवाई और महिला सुरक्षा की समीक्षा

बैठक में हत्या, लूट, डकैती, वाहन चोरी, महिला अपराध और पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी तथा गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने को कहा गया। सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ ई-साक्ष्य एप और ई-समन के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश भी दिए।
महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के केंद्रों का प्रभावी संचालन और महिला बीट प्रणाली मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा साइबर अपराधों की जांच, साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली और साइबर ठगी की रकम पीड़ितों को वापस दिलाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने सभी जिलों में कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।

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