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कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी की अध्यक्षता समीक्षा बैठक आयोजित

इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में डिजिटल लाइब्रेरी, जीरो पॉवर्टी अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम सूर्य घर योजना, बीबीजीरामजी योजना, लखपति दीदी, आईजीआरएस, एक जनपद-एक नदी, गौशाला, प्राकृतिक खेती के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों एवं फर्नीचर की स्थिति का सत्यापन कराते हुए शेष आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा केवल डेस्क, शेल्फ एवं कंप्यूटर से संबंधित अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। कंप्यूटरों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ एनआईसी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का सत्यापन कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार टीम गठित कर वेरिफिकेशन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अधिकतम पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड कार्ड से आच्छादित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चिन्हित परिवार जनपद के सबसे निर्धन एवं वंचित परिवार हैं, जिन्हें बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य तथा अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी लंबित सत्यापन कार्य विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय में पूर्ण कराए जाएं तथा प्रत्येक पात्र परिवार को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि केवल आर्थिक सहायता देने से स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है, बल्कि इन परिवारों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है। सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चिन्हित परिवारों के युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने में सक्रिय सहयोग करें।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने सभी एडीओ पंचायत एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों एवं उनके आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि गांव को चिह्नित कर साफ-सफाई कराई जाए, घर-घर से कूड़ा उठाया जाए एवं सूखा और गीला कूड़ा अलग किया जाए साथ ही उन्होंने कहा कि तालाब की साफ-सफाई अत्यंत महत्वपूर्ण है, इससे तालाब में होने वाले मच्छर और अन्य प्रकार के कीट पतंगों में कमी होगी, जिसकी वजह से बीमारियां भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय के रख-रखाव हेतु स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का समय से भुगतान कराया जाए।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त 2026 तक जनपद का लक्ष्य 6,926 संयोजन है। जिलाधिकारी महोदय ने बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक परिवारों को सौर ऊर्जा का लाभ मिल सके।
बीबीजीरामजी योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है तथा इसके लगभग 70 प्रतिशत कार्य जल संरक्षण से संबंधित हैं। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित कर आवश्यक कार्यों का चिन्हांकन करते हुए शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना है और जनपद को इसके प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी बनाया जाए।
खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि 22 जुलाई से 8 सितंबर 2026 तक संचालित होने वाले आठवें चरण के टीकाकरण अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अभियान के लिए गठित 25 टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य करें तथा सभी पालतू एवं निराश्रित गोवंश का निःशुल्क टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि बीमार गोवंश को तत्काल पृथक (आइसोलेट) कर उनका उपचार कराया जाए, जिससे संक्रमण का प्रसार रोका जा सके। उन्होंने उपस्थित सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अधिक वर्षा होने के कारण गौशालाओं में साफ-सफाई, जलभराव, गोबर का समय से उठाना आदि व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में नेपियर लगवाए जाएं एवं सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरा संचालित होना चाहिए।
एक जनपद-एक नदी अभियान के अंतर्गत सिरसा नदी के पुनर्जीवन कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा नदी तटों पर व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए।
गौशालाओं की समीक्षा में जिलाधिकारी महोदय ने हरे चारे का रकबा बढ़ाने, प्रत्येक गौशाला को किसी न किसी चारागाह से जोड़ने तथा गोवंश के लिए पर्याप्त पौष्टिक चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक खेती की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने कृषि, पशुपालन एवं पंचायत विभाग को संयुक्त रूप से अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी गौशालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाए तथा किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में समूह की महिलाओं द्वारा पशु आहार बनाया जाए, एवं वैज्ञानिक तरीके से इसका क्या अनुपात होगा यह सुनिश्चित किया जाए, उसके उपरांत ही पौष्टिक पशु आहार बनाया जाए।
उक्त बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडेय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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