सांसद चन्द्रशेखर को मजबूती देने के लिए
पूरब से पश्चिम तक डॉ मसूद की ताबड़तोड़ जनसभा
लखनऊ। हाल ही में आजाद समाज पार्टी में लखनऊ के एक भव्य कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री और साहब कांशीराम के संगी साथी रहे डॉ मसूद अहमद ने पूरब से पश्चिम तक ताबड़तोड़ जनसभाए कर मुसलमानो और कमजोर तबके में सांसद चंन्द्र शेखर आजाद का माहौल बनाना शुरू कर दिया है। डॉ। मसूद सपा बसपा गठबंधन की मुलायम सिंह सरकार में कांशीराम साहब की सिफारिश पर उप्र के केबिनेट शिक्षा मंत्री बने थे। कांशीराम साहब के बेहद करीबी होने के चलते डॉ मसूद बहन कु। मायावती को कभी नहीं भाये। बिना बहन जी की सलाह लिए डॉ मसूद ने कांशीराम साहब के कहने पर पेंडिंग पड़ी उर्दू टीचर की भर्ती निकाल दी। इस पर बहन जी कुपित हो गई और मुलायम सिंह से कहकर डॉ। मसूद को शिक्षा मंत्री पद से बर्खास्त करा दिया। इतना ही नहीं आधी रात को उनसे उनका सरकारी बंगला भी खाली करवाकर सामान सड़क पर फिकवा दिया। डॉ। मसूद ने काशीराम साहब से इस घटना का जिक्र किया तो मायावती के सामने वे बेबस नजर आये। काफी इंतजार के बाद कुछ विधायकों को साथ लेकर उन्होंने नेशनल लोकतान्त्रिक पार्टी का गठन किया और अपना एक विधायक और एक सांसद जिता लिया। अपने साथियों की बगावत के चलते उन्होंने पार्टी भंग कर दी और समाजवादी पार्टी में ट्राई करने लगे लेकिन वहाँ भी उन्हें धोखा मिला। उसके बाद वे आर एल डी में शामिल हो गए और प्रदेश अध्यक्ष रहे। जयंत चौधरी के बीजेपी से हाथ मिलाने के बाद उन्होंने आर एल डी छोड़ दी। पिछले दिनों आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर टीम सदस्य सत्यपाल चौधरी, पत्रकार नीरज पटेल, भूरे खान निडोरी और वरिष्ठ पत्रकार दानिश के प्रयासों से उनकी भीम आर्मी चीफ और सांसद चन्द्र शेखर आजाद से मुलाकात हुई और वे लखनऊ में एक भव्य समारोह में आजाद समाज पार्टी में शामिल हो गए। अभी अम्बेडकर नगर, कुशीनगर सहित कई पूर्वआंचल के जिलों में उन्होंने ताबड़तोड़ सभा कर चन्द्र शेखर आजाद के पक्ष में माहौल बनाया और 29 अगस्त से वे मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, मेरठ सहित पश्चिम उप्र के जिलों में अपने पुराने कैडर के जरिये खासकर मुसलमानो और कमजोर वर्गो में आजाद समाज पार्टी को मजबूती देने के मिशन पर निकले हुए हैं।




