5 हजार से अधिक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने वालीं नजमा कमर सम्मानित
शिक्षा, बालिका सशक्तिकरण और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सारथी एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी ने किया सम्मान
बरेली। शिक्षा, बालिका सशक्तिकरण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती नजमा कमर को सारथी एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी की ओर से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, 5,000 से अधिक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और समाज सेवा के प्रति निरंतर समर्पण के लिए प्रदान किया गया।
सारथी एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्षा श्रीमती इमराना के नेतृत्व में 27 जनवरी को रोटरी भवन में मौलाना अब्दुल रऊफ खान साहब की 28वीं जयंती का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनोज हरित ने की। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की मौजूदगी रही। सीनियर एडवोकेट अमजद सलीम, अफ़ज़ाल अंसारी, इंजीनियर रनीस अहमद, कदीर अहमद, लेखक गोपाल जी, निर्मोही जी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। लखनऊ शिया पीजी कॉलेज के कई प्रोफेसर्स ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
सोसायटी की अध्यक्षा इमराना ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमेशा शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार माना। उन्होंने कहा कि श्रीमती नजमा कमर ने अब तक 5,000 से अधिक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका योगदान बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रेरणादायक है।
उन्होंने बताया कि नजमा कमर ह्यूमन चेन वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्षा भी हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। उन्होंने एस.एम. मेमोरियल विद्यालय और आदर्श पब्लिक स्कूल का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए अनेक विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में योगदान दिया।
कोविड महामारी के बाद तथा बढ़ती उम्र के कारण श्रीमती नजमा कमर अब विद्यालयों के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी सक्रिय रूप से नहीं संभाल रही हैं, लेकिन समाज सेवा से उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्रीमती इमराना ने यह भी बताया कि श्रीमती नजमा कमर अपने विद्यार्थी जीवन में उत्कृष्ट NCC कैडेट रही हैं। उन्होंने जैवलिन थ्रो, फुटबॉल और हैंडबॉल सहित विभिन्न खेलों में सक्रिय भागीदारी की और बालिकाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज में ऐसी महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान दिया है। श्रीमती नजमा कमर का सम्मान केवल एक व्यक्ति के योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि बालिका शिक्षा, सशक्तिकरण और समाज सेवा के उस संकल्प का सम्मान है, जो बेहतर और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।




