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मासूम प्रिशी की मौत पर जागा स्वास्थ्य विभाग, तीन सदस्यीय कमेटी गठित

सात वर्षीय बच्ची ने गोपाल नरसिंग होम में तड़प-तड़पकर दम तोड़ा

डॉक्टर बिगड़ती हालत के बावजूद बच्ची को देखने तक नहीं आए -घटना से पत्रकारों में आक्रोश, अस्पताल परिसर में दिया धरना

बिजनौर। एक मासूम बच्ची की जिंदगी का बुझा चिराग और पीछे छूट गया परिवार का ऐसा दर्द, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। नजीबाबाद रोड स्थित गोपाल हॉस्पिटल में सात वर्षीय मासूम प्रिशी की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग को भी गंभीरता से कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कौशलेन्द्र सिंह ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी को घटना की गहनता से जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मालूम हो कि हल्दौर के वरिष्ठ पत्रकार संजीव मिश्रा की इकलौती पुत्री प्रिशी को बुखार की शिकायत के बाद गोपाल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने इसकी सूचना डॉ. पंकज को दी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने बच्ची को देखने की जरूरत तक महसूस नहीं की।
परिजनों का कहना है कि बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती रही और वह तड़पती रही। परिवार के लोग चिकित्सक से बच्ची को देखने की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोप है कि उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया जाता रहा कि “बच्ची नॉर्मल है।” परिजनों के मुताबिक, बच्ची को देखने के बजाय अस्पताल के कर्मचारियों के माध्यम से दवाएं लिखवाई जाती रहीं। देखते ही देखते दिन ढल गया और परिवार की आंखों का तारा, उनकी इकलौती बेटी प्रिशी, हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटी के स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद थी, उसी की अर्थी उठने की खबर ने हर किसी को झकझोर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकारों में भी भारी आक्रोश फैल गया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी ने घटना को, इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताते हुए नर्सिंग होम परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरने की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही जिलेभर से पत्रकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले में कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी अभय कुमार पांडे और शहर कोतवाल अवनीत मान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं एसीएमओ ने भी नर्सिंग होम पहुंचकर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की तथा मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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एसीएमओ की अध्यक्षता में गठित हुई जांच कमेटी
सीएमओ कौशलेन्द्र सिंह ने प्रकरण की जांच के लिए एसीएमओ राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार डाबरे तथा जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया है।
सीएमओ ने कमेटी को घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करने और तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी
सात वर्षीय मासूम की मौत के पीछे आखिर क्या परिस्थितियां थीं, इलाज में कोई लापरवाही हुई या नहीं और यदि लापरवाही हुई तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है—इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है। मासूम प्रिशी को खो चुके परिवार को अब सिर्फ इंसाफ का इंतजार है।

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