कोर्ट परिसर – न्याय का मंदिर, पर हाल बेहाल
कोर्ट परिसर बना "फिसलन का अखाड़ा"... नगर निगम की खुदाई के बाद बदहाल सड़कें, आधा दर्जन लोग गिरकर चोटिल हुऐ
गाजियाबाद जिला कोर्ट यूपी के सबसे व्यस्त कोर्ट्स में से एक है। यहां रोजाना 10 हजार से ज्यादा लोग आते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर बुनियादी सुविधाओं का ये हाल चिंता का विषय है। अधिवक्ता संघ ने भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
गाजियाबादI गाजियाबाद कोर्ट परिसर की सड़कों का हाल इन दिनों बेहद खस्ता है। नगर निगम द्वारा कुछ समय पहले की गई खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से पूरा परिसर कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गया है। बरसात शुरू होते ही स्थिति और बदतर हो गई है। नतीजा – रोजाना बुजुर्ग, बच्चे और अधिवक्ता फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
“प्रशासन के दफ्तरों के सामने ही अंधेरगर्दी”
ये जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अजय प्रताप राठी ने बताया कि सबसे बड़ी विडंबना ये है कि नगर निगम, जिलाधिकारी कार्यालय और पुलिस आयुक्त का दफ्तर कोर्ट से कुछ ही दूरी पर हैं। बावजूद इसके पिछले कई हफ्तों से इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया।
राठी ने बताया: “बरसात के कारण यहां कीचड़ और फिसलन इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि चलना मुश्किल हो गया है। अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। इनमें बुजुर्ग वादकारी, छोटे बच्चे और वरिष्ठ अधिवक्ता भी शामिल हैं।”
क्या है समस्या?
1. खुदाई के बाद मरम्मत नहीं: नगर निगम ने पाइपलाइन/सीवर के लिए खुदाई की थी, लेकिन उसके बाद सड़क को ठीक से बनाया ही नहीं गया।
2. कीचड़ और गड्ढे: बारिश का पानी गड्ढों में भर जा रहा है। ऊपर से कीचड़ होने की वजह से फिसलन 3 गुना बढ़ गई है।
3. कोर्ट आने वाले परेशान: रोजाना हजारों की संख्या में वादकारी, वकील, मुंशी और क्लाइंट कोर्ट आते हैं। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यहां चलना खतरे से कम नहीं।
4. सफाई का अभाव: कीचड़ के साथ कचरा भी जमा हो गया है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप राठी की मांग
अधिवक्ता राठी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा:
“मैं प्रशासन, नगर निगम, जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त से गुजारिश करता हूं कि ईश्वर के लिए जल्द से जल्द इस ओर ध्यान दें। कोर्ट परिसर की सड़कों का तुरंत निर्माण और पैचवर्क कराया जाए। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।”




