सादगी और ईमानदारी की मिसाल हैं विधायक आलम बदी
90 वर्ष की उम्र में भी जनता का अटूट भरोसा, मेदांता में भर्ती होने पर नेताओं और समर्थकों ने की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
आजमगढ़ (आप अभीतक)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं निजामाबाद विधानसभा से पांच बार के विधायक आलम बदी इन दिनों अस्वस्थ हैं। उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका पेसमेकर लगाया गया है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम जानी और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। करीब 90 वर्ष की आयु में भी आलम बदी अपनी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए राजनीति में एक अलग पहचान रखते हैं। वर्ष 1996 में उन्होंने पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। तब से अब तक वह पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। खास बात यह है कि उन्होंने कभी पार्टी से टिकट की मांग नहीं की। उनका कहना रहा कि टिकट हमेशा पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें दिया गया। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव और बाद में अखिलेश यादव ने भी उन्हें मंत्री बनने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने कभी पद या सत्ता की इच्छा नहीं जताई। जनसेवा को ही उन्होंने अपना सबसे बड़ा दायित्व माना।
आलम बदी की ईमानदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों की वह स्वयं मौके पर खड़े होकर निगरानी करते हैं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने से भी पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि कई ठेकेदार उनके कार्यों को लेने से भी कतराते हैं। चुनावी राजनीति में जहां उम्मीदवार करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, वहीं आलम बदी बेहद सीमित संसाधनों में चुनाव लड़ते रहे हैं। उनका प्रचार भी बेहद सादा होता है, लेकिन जनता का भरोसा उन्हें लगातार जीत दिलाता रहा है। उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही सादगीपूर्ण है। आज भी उनके घर का माहौल वर्षों पहले जैसा ही है। मेहमानों को बिना दूध की चाय परोसी जाती है, जिसे घर के सदस्य स्वयं बनाते हैं। घर में किसी तरह का दिखावा या तामझाम नहीं है।
पूर्व में मैकेनिकल इंजीनियर रहे आलम बदी ने नौकरी छोड़कर समाजसेवा का रास्ता चुना। पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और समाजवादी पार्टी के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया, जो आज भी उसी निष्ठा के साथ जारी है। राजनीति के वर्तमान दौर में आलम बदी जैसे सादगी, ईमानदारी और जनसेवा को समर्पित नेताओं की मिसाल कम ही देखने को मिलती है। उनके समर्थक, शुभचिंतक और पार्टी कार्यकर्ता उनके जल्द स्वस्थ होकर फिर से जनसेवा में सक्रिय होने की कामना कर रहे हैं।
