ऑपरेशन प्रहार के तहत क्राइम ब्रांच की बड़ी करवाई
अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त करने वाला गिरोह पकड़ा

गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत स्वाट टीम क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की तस्करी कर रहा था। गिरोह के तीन सदस्यों अरुण कुमार, रंजीत राय और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6 पिस्टल मय मैगजीन 32 बोर, 20 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल मय मैगजीन 30 बोर, 2 जिंदा कारतूस और एक थार गाड़ी भी बरामद हुई है। एडीसीपी राजकरण नैय्यर ने बताया कि पूछताछ में तीनों ने अवैध असलाह कारतूसों की तस्करी करना कबूल किया है। अभिषेक शर्मा ने पूछताछ के दौरान बताया है कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और हयात एंक्लेव में उसका ऑफिस है। उसी ऑफिस में रंजीत भी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। तीनों की प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने के दौरान मुलाकात हुई थी। बताया जा रहा है कि को उमेश शर्मा जो फिलहाल जेल में बंद है, के साथ लंबे समय से जुड़ा हुआ था। उसी के कहने पर अभिषेक शर्मा गाजियाबाद व दिल्ली में अवैध पिस्तौल की सप्लाई कर रहा था। उसने बताया कि अरुण के दोस्त ऋतिक के माध्यम से वह असलाह मंगवाते और बताए गए व्यक्तियों तक उन्हें पहुंचाते थे।
हर हथियार पर कमाते थे 20 हजार तक मुनाफा
जानकारी के अनुसार 30 से 35 हजार रुपए में एक असलाह खरीदा जाता था जिससे 50 से 55 हजार में बेचा जाता था। पुलिस का कहना कि यह गिरोह अभी तक 20 असलाहों की सप्लाई पिछले 1 साल में कर चुका है। बताया जा रहा है कि असलाह की खरीद शामली निवासी ऋतिक से की जाती थी।




