महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 49 मिशन शक्ति सहायता केंद्र सक्रिय
जल्द बढ़कर होंगे 82 केंद्र: डीआईजी अजय कुमार साहनी
बरेली। सावन माह की कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बरेली रेंज पुलिस ने पहली बार बड़े स्तर पर ‘मिशन शक्ति सहायता केंद्र’ संचालित किए हैं। बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि वर्तमान में चार जिलों में 49 सहायता केंद्र सक्रिय हैं, जिन्हें जल्द बढ़ाकर 82 करने की तैयारी की जा रही है।
डीआईजी ने बताया कि इन सहायता केंद्रों पर महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा, त्वरित पुलिस सहायता, मार्गदर्शन तथा आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। यदि किसी महिला के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की घटना होती है तो तत्काल शिकायत दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यदि कोई महिला या बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ जाता है, तो मिशन शक्ति टीम उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
हेल्पलाइन और साइबर जागरूकता
सहायता केंद्रों के माध्यम से महिला श्रद्धालुओं को 112, 1090 और 181 जैसी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी जा रही है। साथ ही ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
चिकित्सा सुविधाओं में भी मिलेगा सहयोग
यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने या चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ने पर पुलिस टीम अस्पताल, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचाने में भी सहयोग करेगी।
चार जिलों में इतने सहायता केंद्र
बरेली रेंज के अंतर्गत बरेली में 20, बदायूं में 9, शाहजहांपुर में 12 और पीलीभीत में 8 मिशन शक्ति सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग का लक्ष्य इनकी संख्या बढ़ाकर 82 करना है, ताकि पूरे कांवड़ मार्ग पर महिला श्रद्धालुओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिशन शक्ति सहायता केंद्रों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु पूरी आस्था और विश्वास के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकें।




