नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं के
सात साइबर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा, 20 गिरफ्तार
गाजियाबाद। स्वाट टीम क्राइम ब्रांच ने थाना साहिबाबाद पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के निर्देशन और डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गैंग के सरगना अभिषेक जैन ने बताया कि उसने जैनसन इंटरनेशनल के नाम से एक फॉर्म रजिस्टर कराई हुई है जिसके तहत वे मखाने बेचने का काम करते हैं। इस फर्म की आड़ में वह अपनी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन, आंचल जैन और सलीम के साथ मिलकर एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। इस कॉल सेंटर में उन्होंने कई महिला व पुरुषों को नौकरी पर रखा हुआ था। अभिषेक जैन ने बताया कि कॉल सेंटर के जरिए नौजवान बेरोजगार युवक युवतियों को नौकरी का झांसा दिया जाता था। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन फीस
प्रोसेसिंग फीस और कमीशन के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे। अभिषेक जैन के मुताबिक इस कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों को फर्जी आईडी पर कीपैड मोबाइल फोन और सिम उपलब्ध कराई गए थे। यह मोबाइल फोन और सिम साहिबाबाद निवासी सलीम ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिषेक जैन, पीयूष जैन, चिंटू कुमार, हिना पवार समेत 16 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक ऑडी कार, 12 लैपटॉप, 23 स्मार्ट फोन, 14 कीपैड मोबाइल, 47 सिम, 16 डेबिट व 2 क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि उक्त कॉल सेंटर के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर अब तक 24 शिकायत में दर्ज कराई जा चुकी हैं।




