जमुना प्रसाद मेमोरियल कॉलेज के विद्यार्थियों ने किया नैनीताल का शैक्षिक भ्रमण
डीएसबी परिसर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में शोध कार्यों की ली जानकारी, चिड़ियाघर में वन्यजीव संरक्षण के प्रति हुए जागरूक
बरेली। जमुना प्रसाद मेमोरियल महाविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि के उद्देश्य से नैनीताल में शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इसमें विज्ञान स्नातक जीव विज्ञान समूह, विज्ञान स्नातकोत्तर प्राणी विज्ञान और विज्ञान स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थान में चल रहे शोध कार्यों को करीब से समझने और वन्यजीवों के बारे में व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।
शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध डीएसबी परिसर का दौरा किया। यहां प्रोफेसर मनोज कुमार आर्य और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को नवीन शोध कार्यों तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने प्रयोगशालाओं में संचालित शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को समझा। इस दौरान उन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले अनुसंधान कार्यों और विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं से परिचित होने का अवसर मिला।
इसके बाद विद्यार्थियों ने नैनीताल स्थित चिड़ियाघर का भ्रमण किया। यहां उन्होंने विभिन्न वन्यजीवों को देखा और उनके प्राकृतिक आवास, व्यवहार तथा संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस गतिविधि से विद्यार्थियों के प्राणी विज्ञान संबंधी सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिली। साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।
भ्रमण दल को महाविद्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक एवं वास्तुकार वैभव पटेल, निदेशक डॉ. मनोज कांडपाल तथा अकादमिक निदेशक प्रोफेसर ललित सिंह मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने और उन्हें पुस्तकीय शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
इस भ्रमण का संचालन डॉ. मोहम्मद नईम, अंबिका यादव और सुश्री सना खान के समन्वय एवं मार्गदर्शन में किया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भ्रमण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा उपलब्ध अवसरों से अधिकतम ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना, उच्च शिक्षण संस्थानों की शोध गतिविधियों से परिचित कराना तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और उनके शैक्षणिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा अनुभवों को समृद्ध बनाती हैं।




