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कांवड़ यात्रा: बरेली जोनल कमांड सेंटर से नौ जिलों पर

 रहेगी 24 घंटे नजर, एसपी अंशिका वर्मा संभालेंगी कमान

बरेली। सावन माह की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली पुलिस ने इस बार हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस लाइन में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बरेली जोन के नौ जिलों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इस कमांड सेंटर की मॉनिटरिंग एसपी साउथ अंशिका वर्मा करेंगी।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि कमांड सेंटर से कांवड़ मार्ग, प्रमुख शिवालयों, घाटों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से लगातार नजर रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि बरेली रेंज को आठ सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 14,969 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 14,392 नागरिक पुलिस और 577 यातायात पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 14.5 प्लाटून पीएसी, दो सेक्शन फ्लड पीएसी और दो एसडीआरएफ टीमें भी तैनात रहेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 16 ड्रोन, 94 सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, 51 एंबुलेंस, 205 जल सेवा केंद्र, 144 कांवड़ शिविर और 134 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं।
एडीजी जोन रमित शर्मा ने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के डीजीपी बरेली पहुंचकर जोनल कमांड सेंटर, पुलिस लाइन के बास्केटबॉल कोर्ट और संकल्प सभागार का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान सभी नौ जिलों के पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिले की सुरक्षा तैयारियों का पांच मिनट का प्रस्तुतीकरण भी देंगे।

पहली बार जारी होंगे पहचान पत्र

डीआईजी ने बताया कि इस बार सभी कांवड़ियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इन पर संबंधित हल्का प्रभारी और थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर अंकित रहेगा। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के लिए एक नोडल दरोगा तैनात किया जाएगा। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिविरों में महिला पुलिसकर्मी, विश्राम कक्ष और शौचालय की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

यात्रा के लिए तय किए गए नियम

प्रशासन ने कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की है। डीजे संचालकों को 75 डेसीबल की ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। प्रमुख शिवालयों में बैरिकेडिंग और सुव्यवस्थित कतार व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराना है।

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