गाजियाबाद। आज भाई चारा मंच गाजियाबाद संरक्षक एडवोकेट नहार सिंह यादव जी के आह्वान पर भाईचारा मंच गाजियाबाद की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आज इंपिरियल बैंक्विट हॉल, गोविंदपुरम में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक के. शर्मा जी ने की।
बैठक का संचालन मंच संयोजक बी के चौहान साहब ने किया
बैठक में गाजियाबाद जनपद के सभी विपक्षी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों के प्रमुख पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में गाजियाबाद की वर्तमान सामाजिक एवं लोकतांत्रिक परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की गई तथा दो महत्वपूर्ण विषयों पर संयुक्त निर्णय लिए गए।
धरना स्थल समाप्त किए जाने के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित निर्धारित धरना एवं प्रदर्शन स्थल को समाप्त किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के विपरीत है। विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को अपनी बात शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से रखने का अधिकार है।
भाईचारा मंच ने जिलाधिकारी गाजियाबाद को प्रेषित ज्ञापन में मांग की है कि कलेक्ट्रेट परिसर में पूर्व निर्धारित धरना स्थल को तत्काल बहाल किया जाए, उसकी साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि जनता अपनी लोकतांत्रिक आवाज प्रशासन तक पहुंचा सके।
पुलिस कमिश्नर को नफरत फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग
बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण ज्ञापन पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद को संबोधित करते हुए पारित किया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि सत्यम पंडित और पिंकी चौधरी जैसे कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच नफरत फैलाने, सांप्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न करने तथा समाज का माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
ज्ञापन में हाल ही में जनतर मंतर प्रोटेस्ट से जुड़े दो हिंदू युवकों के साथ मारपीट, अभद्र भाषा एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। भाईचारा मंच ने कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध पहले से दर्ज अनेक आपराधिक मुकदमों की जानकारी प्रशासन के संज्ञान में है, इसलिए उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में भाईचारा मंच के संरक्षक वेद नारायण सिंह यादव ने कहा कि गाजियाबाद गंगा-जमुनी तहजीब का शहर है। यहां नफरत की राजनीति, सांप्रदायिक उन्माद और समाज को बांटने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाना और समाज में वैमनस्य फैलाना दोनों ही संविधान की भावना के खिलाफ हैं। भाईचारा मंच सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के बीच सौहार्द, भाईचारा और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
बैठक में मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिकंदर यादव जी , आजाद समझ पार्टी के वरिष्ठ नेता सतपाल चौधरी जी , जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन साहब , महानगर अध्यक्ष समाजवादी पार्टों एडवोकेट वीरेंद्र यादव जी , भाई चारा मंच कार्यालय सचिव समाजवादी नेता नसीम खान , लोकतंत्र सेनानी महबूब लारी जी…… सहित दर्जनों लोगों ने उक्त दोनों मुद्दे पर अपनी बात रखी।
बैठक में सर्व सम्मति से समाजवादी नेता नसीम खान को भाई चारा मंच गाजियाबाद का कार्यालय सचिव नियुक्त किया गया।
अंत में बैठक के अंत में सर्वसम्मति से बिन्दुवार संकल्प लिया गया
* गाजियाबाद में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त संघर्ष जारी रहेगा।
* धरना स्थल बहाली की मांग को व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
* सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रशासनिक एवं कानूनी स्तर पर लगातार आवाज उठाई जाएगी।
* शहर की शांति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने के लिए सभी दल और संगठन मिलकर कार्य करेंगे।
बैठक में मुख्य रूप से CPIM पार्टी से मौजूद रहे…
कांग्रेस पार्टी से – जिला कोषाध्यक्ष अश्वनी त्यागी और महानगर उपाध्यक्ष स्माइल खान मौजूद रहें।



