उत्तराखंड के व्यास घाटी में बना अद्भुत संयोग
बर्फबारी के बाद ओम पर्वत पर एक साथ उभरे दो ओम
पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में सीमांत क्षेत्र चीन सीमा से सटी व्यास घाटी में स्थित पवित्र ओम (ॐ) पर्वत पर इन दिनों प्रकृति का एक ऐसा अनूठा और अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। जिसने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अभिभूत कर दिया है। ईटीवी भारत संवाददाता ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर इस पल-पल बदलते रूप का आंखों देखा हाल जाना। इस दौरान सामने आया कि ओम पर्वत के ढलान पर इस बार एक और ओम जैसी आकृति प्राकृतिक रूप से उभर आई है। आस्था और कुदरत के मिलन की एक बेहद विस्मरणीय तस्वीर को देखकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया है। आदि कैलाश यात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्री और पर्यटक इस दुर्लभ नजारे को देखकर पूरी तरह से अभिभूत दिखाई दिए। सामान्य तौर पर इस पर्वत पर बर्फ के प्राकृतिक जमाव से केवल एक ही पवित्र ओम की आकृति दिखाई देती है, लेकिन इस बार मुख्य आकृति के ठीक पास दूसरी ओम जैसी आकृति का उभरना आस्था और चमत्कार का अनोखा संगम माना जा रहा है। मुख्य ओम आकृति के साथ दूसरी वैसी ही आकृति का दिखना उनके लिए एक अत्यंत आश्चर्यजनक और आध्यात्मिक अनुभव है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी एक साथ दो ओम की आकृतियां नहीं देखी थीं। श्रद्धालु इसे भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद और आस्था व प्रकृति का अनूठा मिलन मान रहे हैं। समय से पहले मौसम ने बदला मिजाज: आमतौर पर इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी हिमपात की शुरूआत नवंबर महीने के आसपास से तेज होती है। हालांकि, इस साल मौसम के मिजाज में थोड़ा बदलाव देखा गया। सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर महीने में हुई समय से पहले (असमय) बर्फबारी के कारण यह मनमोहक दृश्य अक्टूबर में ही स्पष्ट रूप से सामने आ गया।
यात्रियों में दिखा खासा उत्साह:
उल्लेखनीय है कि गर्मियों के मौसम में तापमान बढ़ने और बर्फ के पिघलने की वजह से ओम की पारंपरिक आकृति धीरे-धीरे ओझल हो जाती है, लेकिन इस बार नई बर्फ जमने की प्रक्रिया के साथ ही न केवल मुख्य ओम (ॐ) आकृति निखर कर आई, बल्कि उसके साथ एक नई दूसरी ओम जैसी आकृति भी सतह पर उभर आई। इस नजारे ने यात्रियों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है।




