नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो दशक बाद स्टूडेंट यूनियन चुनाव का रास्ता साफ होता दिख रहा है। यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने 15 मई 2027 तक स्टूडेंट यूनियन के संविधान को मंजूरी देकर लागू करने का फैसला किया है। इसके बाद नए अकादमिक सेशन की शुरूआत से छह सप्ताह के भीतर चुनाव कराने होंगे। इस हिसाब से 27 अगस्त 2027 तक चुनाव होने की संभावना है। हालांकि, यह तारीख 16 जुलाई से सेशन शुरू होने के अनुमान पर आधारित है। 15 मई 2027 तक स्टूडेंट यूनियन का संविधान तैयार करने का आदेश गुरुवार रात करीब नौ बजे वाइस चांसलर प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी धरनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत की। इसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने उनकी मांगों पर आदेश जारी किया। इसके साथ ही 12 अक्टूबर से चल रही 18 दिन की भूख हड़ताल खत्म हो गई। पांच छात्रों ने रजिस्ट्रार के हाथों जूस पीकर अनशन तोड़ा। इसके बाद धरनास्थल पर छात्रों ने जश्न मनाया।
रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आंदोलन में शामिल होने के कारण जारी किए गए सभी शो-कॉज नोटिस, डिसिप्लिनरी एक्शन, रस्टिकेशन, सस्पेंशन और कैंपस बैन के आदेश वापस लिए जाएंगे। एडमिनिस्ट्रेशन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से आंदोलन और भूख हड़ताल तत्काल खत्म करने को भी कहा था। जामिया में स्टूडेंट यूनियन 2006 से बंद है।




