उत्तर-पश्चिमी दिल्ली। पीतमपुरा स्थित कारोबारी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर बुधवार तड़के बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मामले में नया खुलासा हुआ है। कारोबारी के घर पर फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई ने नहीं, बल्कि गैंगस्टर रोहित गोदारा ने करवाई थी। रोहित ने बुकी गूगल से रंगदारी मांगी थी। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि फायरिंग रोहित गोदारा ने करवाई थी। विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी ने बताया कि रोहित गोदारा ने पहले कारोबारी को वॉइस मैसेज भेजा था। इस मैसेज में उसने कहा था कि पहले जितनी रकम मांगी गई है, उतनी दे दें, वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रोहित गोदारा ने कुछ समय पहले कारोबारी से रंगदारी मांगी थी, लेकिन कारोबारी ने रकम नहीं दी थी। अधिकारियों ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई ने करीब छह वर्ष पहले भी कारोबारी से रंगदारी मांगी थी। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच फिलहाल उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस कर रही है। जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अपराध शाखा को भी लगाया गया है। हालांकि, बृहस्पतिवार शाम तक रोहित गोदारा के दोनों शूटरों का पता नहीं चल पाया था। खुफिया विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024 में लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका में फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद गिरोह में मतभेद शुरू हुए थे। लॉरेंस बिश्नोई ने रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ पर अनमोल की कानूनी मदद नहीं करने और जमानत बॉन्ड दाखिल नहीं करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई से अलग होने की घोषणा कर दी। अलग होने के बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ गई और गैंगवार की घटनाएं सामने आने लगीं। दोनों गुटों के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी और धमकियों के अलावा भारत और विदेशों में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
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