अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ चलेगा अभियान
पटाखा बाजार लगाने से पहले होगी जांच, आबादी के बीच नहीं मिलेगी अनुमति
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त
बरेली। दीपावली से पहले जिले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ प्रशासन अभियान चलाने की तैयारी में है। पटाखा बाजार लगाने के लिए भी सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। आबादी के बीच पटाखा बाजार लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संबंधित स्थान की जांच और सुरक्षा इंतजामों की पुष्टि के बाद ही बाजार लगाने की अनुमति मिलेगी।
जिला प्रशासन का जोर दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री और भंडारण को सुरक्षित बनाने पर है। इसके लिए बाजार के स्थान का चयन करते समय आग से बचाव के इंतजामों समेत अन्य जरूरी मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। बिना जांच और निर्धारित मानकों को पूरा किए अनुमति नहीं दी जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि अवैध रूप से पटाखे बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। पटाखा बाजार लगाने की व्यवस्था भी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी संभावित हादसे को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सिरौली हादसे के बाद सुरक्षा पर जोर
वर्ष 2024 में बरेली के सिरौली क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता उजागर कर दी थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद घनी आबादी के आसपास अवैध रूप से पटाखे बनाने और विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने के खतरों पर सवाल उठे थे। ऐसे में दीपावली से पहले अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान और सुरक्षित स्थान पर पटाखा बाजार लगाने की तैयारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




