नारायन कॉलेज में मनाया शिक्षक दिवस
शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित
इटावा। नारायन कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स में शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशिका डॉ. श्रेता तिवारी, प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती पूनम शर्मा ने मां सरस्वती तथा डॉ. राधाकृष्णन की प्रतिमूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि “ज्ञान, ध्यान, धैर्य और कर्म एक शिक्षक की पहचान है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र एवं व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के संस्कार विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्य सलाहकार डॉ. श्रेता तिवारी ने कहा कि व्यक्ति को पहली शिक्षा अपनी मां से मिलती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी माता का शिक्षक के रूप में सम्मान करना चाहिए।इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं तथा शिक्षकों को तिलक लगाकर सम्मानित किया। अंत में वाइस चेयरमैन इंजी. अंकित तिवारी, निदेशिका डॉ. श्रेता तिवारी, प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती पूनम शर्मा ने शिक्षकों को प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह एवं उपहार देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन कक्षा 12 के छात्र आराध्य दुबे, कक्षा 11 की छात्रा आराध्या एवं स्कूल कैप्टन आयुषी वर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।




