कांवड़ यात्रा की तैयारियों का नगरायुक्त ने लिया जायजा,
दूधेश्वरनाथ में श्रद्धालुओं को मिलेगा दिव्य अनुभव
श्रीमहंत नारायण गिरि बोले— इस बार जलाभिषेक के दौरान भक्तों को मिलेगा अलौकिक आध्यात्मिक एहसास

गाजियाबाद (आप अभीतक)। आगामी कांवड़ यात्रा और सावन शिवरात्रि को लेकर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मंदिर पहुंचकर भगवान दूधेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना की तथा मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों ने कांवड़ यात्रा एवं सावन शिवरात्रि की व्यवस्थाओं का संयुक्त रूप से निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। नगर आयुक्त ने नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के सुझावों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि भगवान दूधेश्वर के दर्शन एवं जलाभिषेक के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि 30 जुलाई से सावन मास प्रारंभ होते ही हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री, नीलकंठ सहित विभिन्न तीर्थस्थलों से गंगाजल लाने वाले कांवड़ियों का आगमन शुरू हो जाएगा। यात्रा पर निकलने से पहले भी हजारों श्रद्धालु भगवान दूधेश्वर के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में 9, 10 और 11 अगस्त को कांवड़ मेले का आयोजन होगा, जबकि 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक के लिए लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ऐसी आध्यात्मिक और सुव्यवस्थित व्यवस्था की जा रही है, जिससे जलाभिषेक के दौरान उन्हें दिव्य और अलौकिक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे स्वयं को भगवान शिव के और अधिक निकट महसूस करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी व्यवस्थाओं के नए मानक स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन मास का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। सावन के चार सोमवार—3, 10, 17 और 24 अगस्त को भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। प्रत्येक सोमवार के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा, भक्ति और सहजता के साथ भगवान दूधेश्वर के दर्शन एवं जलाभिषेक कर सकें। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के निर्माण विभाग से एन.के. चौधरी, सफाई विभाग से डॉ. मिथिलेश, उद्यान विभाग से डॉ. अनुज सिंह, जलकल विभाग से के.पी. आनंद एवं अधिशासी अभियंता सुनील, प्रकाश विभाग से स्वप्निल सहित संबंधित विभागों की टीमें भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।




