संगठन में बढ़ा भरोसा, जमीनी काम से मजबूत हो रही बसपा की नींव
मनोज जाटव की सक्रिय कार्यशैली पर कार्यकर्ताओं की मुहर, विरोध को बताया व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का परिणाम
गाजियाबाद। बहुजन समाज पार्टी के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनोज जाटव की संगठनात्मक सक्रियता इन दिनों पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। पार्टी से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का दावा है कि गांव-गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए जिस निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है, उससे कार्यकर्ताओं का भरोसा लगातार बढ़ा है और संगठन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। दूसरी ओर अहम बात यह भी है कि जब हमारे संवाददाता ने पांचों विधानसभा अध्यक्षों से जिलाध्यक्ष मनोज जाटव के नेतृत्व में पार्टी हित और सक्रियता को लेकर बात की तो लोनी विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट जितेंद्र सिंह, मुरादनगर विधानसभा अध्यक्ष सोनू प्रधान, बांदीपुर, साहिबाबाद विधानसभा अध्यक्ष गुलाब सिंह गौतम, शहर विधानसभा अध्यक्ष गाजियाबाद अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह, मोदीनगर विधानसभा अध्यक्ष सत्येंद्र प्रधान ने अपने जबाव में कहा कि पहली बार बसपा को जिले में मजबूत और भरोसेमंद जिलाध्यक्ष मिला है। अब यह जानकारी क्या संकेत दे रही है बस इतना ही काफी है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व के दौरान संवाद, समन्वय और संगठन विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। यही कारण है कि पुराने कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ी है, वहीं नए लोग भी पार्टी की विचारधारा से जुड़ने में रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि संगठन की मजबूती केवल दावों से नहीं, बल्कि जमीनी सक्रियता और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार मौजूद रहने से आती है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ पूर्व पदाधिकारियों द्वारा मीडिया के माध्यम से की जा रही आलोचना को अधिकांश कार्यकर्ता संगठनात्मक मजबूती के बजाय व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित मान रहे हैं। उनका कहना है कि पद प्राप्त करने का रास्ता आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि संगठन के लिए किए गए समर्पित कार्यों से होकर गुजरता है।
कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि पार्टी नेतृत्व हमेशा जमीनी रिपोर्ट, संगठनात्मक क्षमता और कार्य के आधार पर निर्णय लेता है। ऐसे में केवल सुर्खियां बटोरने से जिम्मेदारियां नहीं मिलतीं। उनका विश्वास है कि बहुजन समाज पार्टी में मेहनत, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण को ही सर्वोच्च महत्व दिया जाता है।
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज जब संगठन लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं का उत्साह पहले से अधिक दिखाई दे रहा है, तब यह स्पष्ट है कि ‘काम बोलता है, प्रचार नहीं।’ और यही वजह है कि मनोज जाटव के नेतृत्व को संगठन के भीतर व्यापक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।




