16.72 करोड़ का हाईटेक बस अड्डा तैयार
फिर भी यात्रियों को इंतजार; टायलीकरण ने रोकी संचालन की राह
बरेली। इज्जतनगर में घनी आबादी के बीच पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे का दबाव कम करने के लिए बनाया गया आधुनिक बस अड्डा भवन तैयार होने के बावजूद अभी यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो सका है। करीब 16.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस बस अड्डे के संचालन में परिसर में चल रहा टायलीकरण का काम बाधा बना हुआ है।
परियोजना के लिए वर्ष 2020 में मंजूरी मिली थी। केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि परिवहन निगम को हस्तांतरित कर बस अड्डे का निर्माण कराया गया। भवन का निर्माण, विद्युतीकरण और फर्नीचर का काम पूरा हो चुका है, लेकिन परिसर का टायलीकरण अभी अधूरा है।
बरसात के कारण कार्य प्रभावित होने का हवाला देते हुए कार्यदायी संस्था ने कई बार समय बढ़ाने की मांग की। पहले जून, फिर जुलाई और अगस्त तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन निर्धारित समय में भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। अब टायलीकरण पूरा होने में करीब एक माह और लगने की संभावना जताई जा रही है।
ऐसे में सितंबर में बस अड्डे के परिवहन निगम को हैंडओवर होने की उम्मीद कम है। हैंडओवर के बाद ही परिवहन निगम संचालन की प्रक्रिया शुरू करेगा।
एआरएम रुहेलखंड डिपो अरुण कुमार वाजपेई के अनुसार, इज्जतनगर बस अड्डे में टायलीकरण का काम चल रहा है। परिवहन निगम की टीम इसी सप्ताह मौके का निरीक्षण करेगी। हैंडओवर के बाद बस अड्डे के संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस बस अड्डे के शुरू होने से शहर के पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे पर यात्रियों और बसों का दबाव कम होने की उम्मीद है। विधानसभा चुनाव से पहले इसके संचालन की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि अभी निर्माण कार्य पूरा होने और हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।




